फतेहपुर। जनगणना-2027 में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की अलग से गणना कराने और जातिवार जनसंख्या के सटीक, वैज्ञानिक एवं विश्वसनीय आंकड़े एकत्र किए जाने की मांग को लेकर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग ओबीसी मोर्चा की ओर से प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के बाद पदाधिकारियों ने संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर केंद्र एवं राज्य सरकार से मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि जनगणना-2027 देश में नीति निर्माण और सामाजिक कल्याण की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में ओबीसी की वास्तविक जनसंख्या का प्रमाणिक आंकड़ा उपलब्ध होना जरूरी है, ताकि सामाजिक न्याय और कल्याणकारी योजनाओं का निर्धारण वास्तविक जनसंख्या के आधार पर किया जा सके। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की तरह ओबीसी की भी अलग से गणना कराई जाए। साथ ही जिस वैज्ञानिक पद्धति से एससी-एसटी की जनगणना की जाती है, उसी तरह ओबीसी की जातिवार गणना सुनिश्चित की जाए। मोर्चा ने राज्यवार आधिकारिक एवं व्यापक मास्टर जाति निर्देशिका तैयार करने, प्रत्येक जाति को विशिष्ट कोड प्रदान करने तथा अनियंत्रित ओपन कॉलम व्यवस्था के स्थान पर मानकीकृत विकल्प आधारित प्रणाली लागू करने की मांग की। इसके अलावा अनुसूचित एवं स्थानीय जातियों के सत्यापन के लिए स्पष्ट संस्थागत व्यवस्था बनाने तथा जाति संबंधी आंकड़ों के संग्रह, सत्यापन और संकलन की प्रक्रिया को पारदर्शी, सुरक्षित एवं ऑडिट योग्य बनाए जाने पर भी जोर दिया गया। मोर्चा पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो 2 सितंबर से जिला एवं तहसील मुख्यालयों पर अनिश्चितकालीन क्रमिक धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। इस दौरान राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिलाध्यक्ष मनोज मौर्य, बहुजन मुक्ति पार्टी के प्रयागराज मंडल प्रभारी जयचंद्र यादव, बहुजन मुक्ति पार्टी के प्रदेश सचिव डॉ. फूल सिंह लोधी, राष्ट्रीय किसान मोर्चा उत्तर प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष गंगा प्रसाद लोधी, बुद्धिस्ट इंटरनेशनल नेटवर्क के जिलाध्यक्ष रामचंद्र मौर्य, भारती विद्यार्थी छात्र प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष मीरा गौतम, रवि गौतम, राम शंकर पटेल, संतोष कुमार, प्रेम सिंह मौर्य, नितिन पासवान, रंजीत कुमार, राम बिहारी, शिवलाल, अनूप सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।



