फतेहपुर। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. यू. बी. सिंह ने बताया कि इन्फ्लुएंजा, श्वसन संबंधी संक्रामक रोग है, जिसे वर्तमान में सीजनल इन्फ्लुएंजा की श्रेणी में रखा जाता है। यह संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने अथवा निकट संपर्क में आने से फैल सकता है। अधिकांश मरीज उचित देखभाल से ठीक हो जाते हैं, लेकिन उच्च जोखिम वाले लोगों में यह गंभीर रूप ले सकता है।
सीएमओ ने बताया कि इन्फ्लुएंजा के शुरुआती लक्षणों में अचानक तेज बुखार या ठंड लगना, सूखी खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना शामिल हैं। इसके अलावा सिरदर्द, मांसपेशियों एवं जोड़ों में दर्द और अत्यधिक थकान भी हो सकती है। बच्चों में उल्टी या दस्त जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। सीएमओ ने लोगों से अपील की है कि खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को रुमाल, टिश्यू या कोहनी से ढकें। साबुन और पानी से बार-बार हाथ धोएं अथवा अल्कोहल आधारित सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें। गंदे हाथों से आंख, नाक और मुंह को बार-बार छूने से बचें। भीड़भाड़ या बंद स्थानों पर मास्क का प्रयोग करने और पर्याप्त वेंटिलेशन रखने की सलाह दी गई है। बीमारी की स्थिति में ऑफिस या स्कूल जाने से बचें और दूसरों के निकट संपर्क में न आएं। पर्याप्त आराम करने के साथ पानी, सूप और जूस जैसे तरल पदार्थों का सेवन करें। सार्वजनिक स्थानों अथवा खुले में थूकने से भी बचें। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक या एंटीवायरल दवाओं का सेवन न करें। उच्च जोखिम वाले लोगों को फ्लू वैक्सीन के संबंध में अपने चिकित्सक से परामर्श लेने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग, पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चे, गर्भवती महिलाएं, कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले व्यक्ति तथा अस्थमा, हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारी और मधुमेह जैसी दीर्घकालिक बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। स्वास्थ्य कर्मियों को भी संक्रमण से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां अपनाने की सलाह दी गई है। यदि किसी व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ, सीने में तेज दर्द या दबाव, होंठ अथवा नाखूनों का रंग नीला पड़ना, अत्यधिक कमजोरी, बेहोशी या अत्यधिक सुस्ती जैसे लक्षण दिखाई दें तो तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए। लगातार तेज बुखार रहने या अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने पर भी तत्काल चिकित्सकीय सहायता लें। बच्चों द्वारा दूध या भोजन न लेना अथवा अत्यधिक निर्जलीकरण की स्थिति को भी गंभीरता से लेने की सलाह दी गई है। सीएमओ ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति इन्फ्लुएंजा से संबंधित लक्षणों से ग्रसित पाया जाता है तो इसकी सूचना जिला सर्विलॉन्स अधिकारी के मोबाइल नंबर 9336695992 पर दी जा सकती है।



