लखनऊ । राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025-26 में लखनऊ नगर निगम द्वारा देश में प्रथम स्थान प्राप्त करने की गौरवपूर्ण उपलब्धि के उपलक्ष्य में न्यू ताज होटल, लखनऊ में क्षमता संवर्धन एवं जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में स्वच्छ वायु, पर्यावरण संरक्षण तथा वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा के साथ भविष्य की कार्ययोजना पर भी जोर दिया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना तथा विशिष्ट अतिथि नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा रहे। कार्यक्रम में महापौर सुषमा खर्कवाल, नगर आयुक्त गौरव कुमार सहित जिला प्रशासन एवं विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।कार्यक्रम के दौरान नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में लखनऊ को देश में प्रथम स्थान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। सम्मान समारोह के दौरान उपस्थित लोगों में उत्साह और नई ऊर्जा का संचार हुआ।मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में लखनऊ का देश में प्रथम स्थान प्राप्त करना पूरे प्रदेश और शहर के लिए गौरव की बात है, लेकिन इस उपलब्धि को बनाए रखना इससे भी बड़ी चुनौती है। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आह्वान किया कि जिस एकजुटता और समन्वय के साथ लखनऊ को यह उपलब्धि हासिल हुई है, उसी भावना के साथ आगे भी निरंतर प्रयास किए जाएं, ताकि शहर स्वच्छ वायु के क्षेत्र में अपनी अग्रणी स्थिति बनाए रख सके।उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के करीब 16 शहरों को स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में सम्मान प्राप्त हुआ है। यह पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। इसके साथ ही लखनऊ के वार्ड संख्या 70 को भी देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल कागजी प्रयासों का परिणाम नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर किए गए प्रभावी कार्यों, बेहतर निगरानी और विभिन्न विभागों के सामूहिक प्रयासों से संभव हुई है।ए.के. शर्मा ने कहा कि स्वच्छ वायु सुनिश्चित करना केवल नगर निगम या किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए वन विभाग, यातायात विभाग, जिला प्रशासन, पेट्रोलियम विभाग, गैस पाइपलाइन से जुड़े विभाग, उज्ज्वला योजना सहित अन्य संबंधित विभागों को भी अपनी भूमिका प्रभावी ढंग से निभानी होगी। सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय और सामूहिक प्रयासों से ही वायु गुणवत्ता में स्थायी सुधार लाया जा सकता है।मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि लखनऊ को देश में प्रथम स्थान दिलाना निश्चित रूप से बड़ी उपलब्धि है, लेकिन अब इस स्थान को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने संबंधित विभागों से आपसी समन्वय को और मजबूत करने तथा स्वच्छ वायु को लेकर जन-जागरूकता अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित करने का आह्वान किया।कार्यशाला में स्वच्छ वायु के लिए किए जा रहे कार्यों, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने लखनऊ की वायु गुणवत्ता को बेहतर बनाए रखने, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने तथा आम नागरिकों को स्वच्छ वायु के प्रति जागरूक करने के लिए निरंतर और सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया। कार्यशाला का मुख्य संदेश यही रहा कि देश में प्रथम स्थान हासिल करना महत्वपूर्ण उपलब्धि है, लेकिन इसे निरंतर बनाए रखना ही वास्तविक सफलता होगी।



