Saturday, September 19, 2026
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नैनीताल में 2100 गैस उपभोक्ताओं ने नहीं कराई ई-केवाईसी, अब दोहरी दरों की तैयारी

नैनीताल में घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी को लेकर एक बार फिर जरूरी खबर सामने आई है। कुमाऊं मंडल विकास निगम यानी केएमवीएन की पर्वती गैस एजेंसी से जुड़े करीब 2100 कनेक्शन धारकों ने बार-बार आग्रह किए जाने के बावजूद अभी तक अपने गैस कनेक्शन की ई-केवाईसी पूरी नहीं कराई है। अब ऐसे उपभोक्ताओं को लेकर इंडेन की ओर से दोहरी दरों की व्यवस्था लागू करने की तैयारी की जा रही है। इसका सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ सकता है, जिन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के बावजूद अपने कनेक्शन का सत्यापन नहीं कराया है।

गैस एजेंसी की ओर से लगातार उपभोक्ताओं से ई-केवाईसी कराने की अपील की जा रही है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में उपभोक्ता अब भी इस प्रक्रिया से बाहर हैं। ऐसे में कंपनी की ओर से ई-केवाईसी पूरी कराने के लिए सख्ती बढ़ाई जा रही है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, ई-केवाईसी पूरी नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं को घरेलू दर पर सिलेंडर मिलने में परेशानी हो सकती है और सत्यापन पूरा होने तक उन्हें अलग दर का सामना करना पड़ सकता है।

2100 कनेक्शन धारक अब भी बाकी

पर्वती गैस एजेंसी के करीब 2100 उपभोक्ताओं ने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराई है। एजेंसी की ओर से इन ग्राहकों को कई बार प्रक्रिया पूरी कराने के लिए कहा गया है। इसके लिए गैस एजेंसी स्तर पर जानकारी देने के साथ-साथ उपभोक्ताओं को संपर्क करने और आवश्यक दस्तावेजों के साथ सत्यापन कराने के लिए कहा जाता रहा है।

ई-केवाईसी का उद्देश्य गैस कनेक्शन को संबंधित उपभोक्ता की पहचान से जोड़कर रिकॉर्ड को अपडेट करना है। आधार आधारित सत्यापन के माध्यम से यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जाती है कि कनेक्शन वास्तविक उपभोक्ता के नाम पर है और सरकारी सब्सिडी या घरेलू गैस से जुड़ी सुविधाएं सही व्यक्ति तक पहुंचें।

हाल के महीनों में देशभर में एलपीजी उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी को लेकर अभियान चलाया गया है। कई जगह गैस एजेंसियों ने उपभोक्ताओं को समय सीमा के भीतर ई-केवाईसी कराने की सलाह दी है। नैनीताल क्षेत्र में भी इसी प्रक्रिया के तहत लंबित कनेक्शनों को पूरा कराने पर जोर दिया जा रहा है।

ई-केवाईसी नहीं कराने पर अलग दर

अब इंडेन की ओर से ई-केवाईसी कराने और नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं के लिए अलग-अलग दरें लागू करने की तैयारी की जा रही है। यानी जिन ग्राहकों ने अपना ई-केवाईसी सत्यापन पूरा कर लिया है, उन्हें घरेलू श्रेणी के अनुसार सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा, जबकि बिना ई-केवाईसी वाले उपभोक्ताओं को घरेलू दर का लाभ नहीं मिलने की स्थिति बन सकती है।

इस व्यवस्था का उद्देश्य उपभोक्ताओं को ई-केवाईसी पूरी कराने के लिए प्रोत्साहित करना है। पहले भी विभिन्न क्षेत्रों में गैस एजेंसियों की ओर से यह जानकारी दी गई है कि ई-केवाईसी नहीं कराने वाले ग्राहकों को घरेलू दर पर सिलेंडर मिलने में परेशानी हो सकती है।

हालांकि, उपभोक्ताओं के बीच यह सवाल भी बना हुआ है कि ई-केवाईसी नहीं कराने पर उनका कनेक्शन पूरी तरह बंद होगा या नहीं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ई-केवाईसी न होने का मतलब हर स्थिति में स्थायी रूप से कनेक्शन रद्द होना नहीं है। लेकिन घरेलू दर, बुकिंग या डिलीवरी जैसी सुविधाओं पर असर पड़ सकता है, जब तक ग्राहक अपना सत्यापन पूरा नहीं कराता।

कैसे पूरी होगी ई-केवाईसी?

गैस कनेक्शन की ई-केवाईसी कराने के लिए उपभोक्ता अपनी संबंधित गैस एजेंसी से संपर्क कर सकते हैं। आम तौर पर आधार कार्ड और गैस कनेक्शन से संबंधित जानकारी की जरूरत होती है। कई जगह गैस एजेंसियों ने डिलीवरी कर्मचारियों के माध्यम से भी ई-केवाईसी की सुविधा उपलब्ध कराई है।

इसके अलावा गैस वितरण कंपनियों के मोबाइल ऐप के माध्यम से भी ई-केवाईसी करने की सुविधा दी गई है। हालिया जानकारी के अनुसार, उपभोक्ता रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से लॉगिन कर ओटीपी और आधार आधारित फेस वेरिफिकेशन जैसी प्रक्रिया के जरिए घर बैठे भी सत्यापन पूरा कर सकते हैं।

यदि किसी उपभोक्ता के आधार और गैस कनेक्शन में दर्ज जानकारी में अंतर है या मोबाइल नंबर अपडेट नहीं है, तो उसे पहले संबंधित जानकारी दुरुस्त कराने की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे मामलों में गैस एजेंसी से संपर्क करना बेहतर होगा।

कुमाऊं में पहले भी बढ़ाई गई थी ई-केवाईसी की समयसीमा

कुमाऊं मंडल में गैस उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी को लेकर पहले भी अभियान चलाया गया है। सितंबर 2026 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, केएमवीएन के अंतर्गत संचालित इंडेन की 49 गैस एजेंसियों में लगभग 91 प्रतिशत उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी थी। उस समय शेष उपभोक्ताओं के लिए समयसीमा बढ़ाकर 7 सितंबर किए जाने की जानकारी दी गई थी।

इसके बावजूद कुछ एजेंसियों में बड़ी संख्या में उपभोक्ता ई-केवाईसी से बाहर रह गए। पर्वती गैस एजेंसी के 2100 लंबित कनेक्शन भी इसी चुनौती की ओर इशारा करते हैं। अब दोहरी दरों की व्यवस्था लागू होने की तैयारी के बाद इन उपभोक्ताओं पर जल्द सत्यापन कराने का दबाव बढ़ सकता है।

उपभोक्ताओं की बढ़ सकती है परेशानी

गैस सिलेंडर घरेलू जरूरत की जरूरी वस्तु है। ऐसे में यदि ई-केवाईसी नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं को घरेलू दर की जगह अधिक दर पर सिलेंडर लेना पड़ता है, तो इसका सीधा असर उनके घरेलू बजट पर पड़ सकता है। यही वजह है कि गैस एजेंसियां लगातार उपभोक्ताओं से अपना सत्यापन पूरा कराने की अपील कर रही हैं।

नैनीताल और आसपास के क्षेत्रों में पहले भी गैस वितरण को लेकर उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा है। मार्च 2026 में जिले में गैस की कमी के दौरान सिलेंडर लेने के लिए लंबी कतारें लगने और वितरण व्यवस्था प्रभावित होने की खबरें सामने आई थीं। प्रशासन और गैस एजेंसियों ने बाद में वितरण को व्यवस्थित करने के लिए अलग-अलग कदम उठाए थे।

ऐसे में अब ई-केवाईसी को लेकर लागू होने वाली नई व्यवस्था उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जिन ग्राहकों ने अभी तक अपना सत्यापन नहीं कराया है, उन्हें जल्द से जल्द संबंधित एजेंसी से संपर्क कर प्रक्रिया पूरी करने की जरूरत होगी।

रिकॉर्ड अपडेट करने पर जोर

ई-केवाईसी की प्रक्रिया केवल गैस सिलेंडर की कीमत से जुड़ी व्यवस्था नहीं है, बल्कि इसका संबंध उपभोक्ता रिकॉर्ड को अपडेट रखने से भी है। आधार आधारित सत्यापन के जरिए गैस कनेक्शन की जानकारी को संबंधित उपभोक्ता के साथ सत्यापित किया जाता है। इससे एक ही व्यक्ति के नाम पर कई कनेक्शन या गलत पहचान से जुड़े मामलों की पहचान करने में भी मदद मिल सकती है।

इंडेन समेत अन्य एलपीजी कंपनियों की ओर से लगातार उपभोक्ताओं को अपना ई-केवाईसी रिकॉर्ड अपडेट रखने के लिए कहा जा रहा है। अलग-अलग क्षेत्रों में समयसीमा और व्यवस्था में बदलाव भी किए गए हैं। इसलिए स्थानीय गैस एजेंसी से मौजूदा नियम और लागू दर की जानकारी लेना उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।

पर्वती गैस एजेंसी के करीब 2100 उपभोक्ताओं के सामने अब यही चुनौती है। बार-बार अपील के बावजूद जिन ग्राहकों ने ई-केवाईसी नहीं कराई है, उनके लिए दोहरी दरों की व्यवस्था लागू होने की तैयारी की जा रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि लंबित उपभोक्ताओं में से कितने लोग समय रहते अपना सत्यापन पूरा करते हैं और कंपनी की नई व्यवस्था किस तरह लागू होती है।

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