Sunday, November 1, 2026
No menu items!
spot_img

बंगाल की खाड़ी में एक और चक्रवाती तूफान का खतरा, 1 नवंबर तक बन सकता है साइक्लोन; कई राज्यों में अलर्ट की आशंका

नई दिल्ली। चक्रवात अर्णब का असर अभी पूरी तरह समाप्त भी नहीं हुआ है कि बंगाल की खाड़ी में एक और चक्रवाती तूफान का खतरा मंडराने लगा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, यह सिस्टम तेजी से मजबूत हो सकता है और 1 नवंबर तक चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की संभावना है।

अगर यह निम्न दबाव का क्षेत्र चक्रवाती तूफान का रूप लेता है, तो बंगाल की खाड़ी से सटे तटीय इलाकों में मौसम का मिजाज बदल सकता है। इसके प्रभाव से कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं चलने, भारी बारिश होने और समुद्र में ऊंची लहरें उठने की आशंका बन सकती है। ऐसे में तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और मछुआरों के लिए मौसम विभाग की ओर से जारी होने वाले ताजा दिशा-निर्देश महत्वपूर्ण होंगे।

निम्न दबाव का क्षेत्र हुआ मजबूत, डिप्रेशन में बदला

मौसम विभाग के 31 अक्टूबर के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, यह मौसमी सिस्टम दक्षिण अंडमान सागर और उससे सटे उत्तरी अंडमान सागर के ऊपर बना था। इसके बाद यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा और दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तथा अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के आसपास एक अच्छी तरह चिह्नित निम्न दबाव के क्षेत्र में बदल गया।

इसके बाद 31 अक्टूबर को सुबह 11:30 बजे यह सिस्टम डिप्रेशन यानी अवदाब में तब्दील हो गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 12 घंटों में यह और मजबूत होकर गहरे अवदाब में बदल सकता है। इसके बाद अगले 12 घंटों के दौरान इसके चक्रवाती तूफान बनने की संभावना जताई गई है।

India Meteorological Department+1

2 नवंबर को आंध्र प्रदेश के तट के करीब पहुंच सकता है तूफान

IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, संभावित चक्रवाती तूफान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा। इसके 2 नवंबर की शाम तक पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में आंध्र प्रदेश के तट के करीब पहुंचने की संभावना है।

मौसम विभाग ने फिलहाल इसके तट से टकराने के निश्चित स्थान और समय की पुष्टि नहीं की है। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों की ओर से इसके संभावित मार्ग और तीव्रता पर लगातार नजर रखी जा रही है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, समुद्र में बनने वाले ऐसे सिस्टम की दिशा और ताकत में बदलाव हो सकता है। इसलिए इसके अगले कुछ दिनों के पूर्वानुमान में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

Outlook India+1

80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

संभावित चक्रवाती तूफान को लेकर हवा की रफ्तार भी चिंता का विषय बनी हुई है। मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र के मुताबिक, नए चक्रवाती तूफान के दौरान हवा की रफ्तार 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। कुछ समय के लिए हवा के झोंके 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक चलने का अनुमान है।

यह तूफान हाल ही में आए चक्रवात अर्णब की तुलना में कमजोर रहने की संभावना है। हालांकि, इसकी तीव्रता कम होने का मतलब यह नहीं है कि तटीय इलाकों में इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। तेज हवाओं और समुद्र में खराब परिस्थितियों के कारण मछुआरों तथा समुद्र के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत होगी।

Outlook India+1

तमिलनाडु और केरल में भारी बारिश का पूर्वानुमान

बंगाल की खाड़ी में बन रहे इस सिस्टम का असर दक्षिण भारत के कई राज्यों के मौसम पर भी पड़ सकता है। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 5 नवंबर तक भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं केरल और माहे में 4 नवंबर तक भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।

इसके अलावा आंध्र प्रदेश और आसपास के तटीय क्षेत्रों में भी मौसम की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत होगी।

हालांकि, बारिश की तीव्रता और उसका वास्तविक क्षेत्र चक्रवाती सिस्टम की दिशा तथा उसकी ताकत पर निर्भर करेगा। इसलिए लोगों को मौसम विभाग की ओर से जारी होने वाले जिला स्तर के पूर्वानुमान पर ध्यान देना चाहिए।

The New Indian Express+1

मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह

चक्रवाती सिस्टम के मजबूत होने की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने समुद्री गतिविधियों को लेकर भी चेतावनी जारी की है। अंडमान सागर और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के आसपास समुद्र की स्थिति खराब से बेहद खराब रहने का अनुमान है।

मौसम विभाग ने मछुआरों को अंडमान सागर और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के आसपास समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है। इसके साथ ही आंध्र प्रदेश, उत्तरी तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटीय क्षेत्रों के पास भी समुद्री परिस्थितियों पर नजर रखने की जरूरत है।

तेज हवाओं के कारण समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं। ऐसी स्थिति में मछली पकड़ने वाली छोटी नावों के लिए समुद्र में जाना जोखिम भरा हो सकता है। पहले से समुद्र में मौजूद मछुआरों को भी स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

Odisha+1

चक्रवात अर्णब के बाद लगातार दूसरे तूफान की चुनौती

गौरतलब है कि चक्रवात अर्णब ने हाल ही में आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कुछ हिस्सों में असर दिखाया था। 28 अक्टूबर को आए इस तूफान के दौरान तेज हवाओं और बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ था। आंध्र प्रदेश में इसके कारण जान-माल और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई थीं।

अभी पिछले चक्रवात के प्रभाव से प्रभावित इलाकों में स्थिति सामान्य होने की प्रक्रिया जारी है। इसी बीच बंगाल की खाड़ी में एक और चक्रवाती सिस्टम विकसित होने से तटीय राज्यों के सामने नई चुनौती खड़ी हो सकती है।

नए सिस्टम की स्थिति और संभावित मार्ग को देखते हुए आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। प्रशासन के लिए भी समय रहते जरूरी तैयारियां करना महत्वपूर्ण होगा, ताकि किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटा जा सके।

मौसम विभाग के अगले अपडेट पर टिकी नजरें

फिलहाल बंगाल की खाड़ी में बन रहा यह सिस्टम तेजी से मजबूत हो रहा है। 1 नवंबर तक इसके चक्रवाती तूफान में बदलने का अनुमान है, जबकि 2 नवंबर की शाम तक इसके आंध्र प्रदेश के तट के करीब पहुंचने की संभावना जताई गई है।

हालांकि, इसका वास्तविक मार्ग, तीव्रता और संभावित प्रभाव आने वाले मौसम बुलेटिन से और स्पष्ट होंगे। ऐसे में तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अफवाहों से बचते हुए IMD की आधिकारिक चेतावनियों पर भरोसा करना चाहिए। मछुआरों को समुद्र में जाने से बचना चाहिए और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए।

लगातार दो चक्रवाती सिस्टम बनने की स्थिति ने बंगाल की खाड़ी से सटे राज्यों के मौसम पर नजरें टिका दी हैं। आने वाले 48 घंटे इस सिस्टम की दिशा और ताकत के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img

ताज़ा ख़बरें