हैदराबाद। भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से देशभर में निकाले जा रहे ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ मार्च के तहत सोमवार को हैदराबाद में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। शाह ने दिल्ली में हुई कांग्रेस की रैली को लेकर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस का यह कार्यक्रम लोकतंत्र बचाने के लिए नहीं, बल्कि घुसपैठियों को बचाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।
हैदराबाद में आयोजित मार्च के दौरान अमित शाह ने बड़ी संख्या में मौजूद लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज हैदराबाद की सड़कों पर हजारों लोग खड़े हैं। उन्होंने दिल्ली में एक दिन पहले हुई रैली का जिक्र करते हुए राहुल गांधी पर निशाना साधा। शाह ने कहा कि राहुल गांधी ने दिल्ली में रैली की थी और उसे ‘वोट बचाओ’ रैली बताया गया, लेकिन वास्तव में वह ‘घुसपैठियों को बचाओ’ रैली थी।
राहुल गांधी की रैली पर उठाए सवाल
अमित शाह ने अपने संबोधन में कांग्रेस की ओर से आयोजित रैली के उद्देश्य पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इसे वोट बचाने और लोकतंत्र की रक्षा से जोड़कर पेश कर रही है, जबकि उनके अनुसार इसका मकसद घुसपैठियों को बचाना है। शाह ने अपने भाषण में कांग्रेस की राजनीति और उसके विरोध के तरीकों पर भी निशाना साधा।
गृह मंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब देश में मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दलों के बीच लगातार आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिल रहे हैं। कांग्रेस की ओर से चुनावी प्रक्रिया और वोटर लिस्ट से जुड़े मुद्दे उठाए जा रहे हैं, वहीं भाजपा इन आरोपों का विरोध कर रही है।
देशभर में भाजपा निकाल रही मार्च
भारतीय जनता पार्टी की ओर से ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ मार्च के जरिए विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस पर राजनीतिक हमला किया जा रहा है। हैदराबाद में अमित शाह की मौजूदगी को इस अभियान के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी इस कार्यक्रम के माध्यम से अपने राजनीतिक संदेश को जनता तक पहुंचाने की कोशिश कर रही है।
इस दौरान अमित शाह ने दिल्ली में हुई रैली का हवाला देकर कांग्रेस की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और वोट बचाने की बात करने वाली कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह किसके हितों की रक्षा के लिए आवाज उठा रही है।
वोटर लिस्ट और घुसपैठ का मुद्दा बना राजनीतिक बहस का केंद्र
देश में मतदाता सूची के पुनरीक्षण और उसमें कथित अनियमितताओं को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच पहले से ही राजनीतिक बहस जारी है। कांग्रेस का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े सवालों को गंभीरता से उठाने की जरूरत है। वहीं भाजपा की ओर से घुसपैठ और मतदाता सूची में कथित तौर पर शामिल अवैध मतदाताओं का मुद्दा उठाया जा रहा है।
अमित शाह ने हैदराबाद के मंच से इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने राहुल गांधी की रैली को घुसपैठियों के समर्थन से जोड़ते हुए अपनी बात रखी। हालांकि, घुसपैठियों को बचाने के उद्देश्य से रैली आयोजित किए जाने का उनका बयान एक राजनीतिक आरोप है।
भाजपा और कांग्रेस के बीच बढ़ी जुबानी जंग
अमित शाह के इस बयान से भाजपा और कांग्रेस के बीच जारी राजनीतिक टकराव एक बार फिर चर्चा में आ गया है। एक तरफ कांग्रेस चुनावी प्रक्रिया और मतदाता अधिकारों को लेकर सवाल उठा रही है, तो दूसरी तरफ भाजपा घुसपैठ और कथित फर्जी मतदाताओं के मुद्दे पर विपक्ष को घेर रही है।
हैदराबाद में आयोजित मार्च के दौरान अमित शाह ने स्पष्ट रूप से कांग्रेस की रैली को निशाने पर रखा। उनके बयान से साफ है कि आने वाले दिनों में मतदाता सूची, घुसपैठ और लोकतंत्र की रक्षा जैसे मुद्दों पर दोनों दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी जारी रह सकती है।



