लखनऊ: अंजुमन मक़सदे हुसैनी लखनऊ की तत्कालीन इमामबाड़ा मक़सदे हुसैनी में अहम मीटिंग हुई। जिसमे ये फैसला लिया गया के अब अंजुमन मक़सदे हुसैनी के बतौरे शायर जनाब शरर नक़वी नहीं रहेंगे और उनका कोई नया कलाम अंजुमन नहीं पड़ेगी। कियो की इन्होने अंजुमन से किया गया मुआहिदा तोड़ा है, दरअसल 2022 में अंजुमन और शरर नक़वी के बीच में ये मुआहिदा हुआ था के अंजुमन सिर्फ आपका कलाम पढ़ेगी और आप लखनऊ की किसी भी अंजुमन को तरही कलाम व ग़ैर तरही कलाम नहीं देंगे l
मगर अभी हाल ही में अंजुमन नासिरुल अज़ा की 150 सलहा शब्बेदारी की मीटिंग हुई जिसमे शरर नक़वी को उन्होंने अपनी अंजुमन का शायर मुन्तख़ब कर लिया है जिसके बारे में शरर नक़वी ने अंजुमन मक़सदे हुसैनी के मेंबरान व ओहदे दरान को कोई इत्तेला नहीं दी। जिससे अंजुमन के मेंबरान व ओहदे दरान को ये बात न गवार गुज़री लेहाज़ा अंजुमन मक़सदे हुसैनी ने अपने इमामबाड़े में अहम मीटिंग की और अपने नये शायर मौलाना क़िरतास करबलाई को अंजुमन का शायर मुन्तख़ब किया जिसमे अंजुमन के सरपरस्त नुसरत हुसैन उर्फ़ लाला मौलाना मोहम्मद अब्बास साहिबे बयाज़ कर्रार हुसैन जनाब शारीब ज़ैदी तालिब अली रिज़वी साबिक़ सेग्रेटरी शेहज़ादे, इमरान (बन्दे),सद्र शोज़ब अब्बास बब्लू खजाँची मोहम्मद शुएब व तर्ज़ निगार रिज़वान और मल्लाहि टोला के पार्षद गुलशन अब्बास व दीगर मिंबरान व अफराद मौजूद रहे।



