नई दिल्ली। एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 में भारतीय पुरुष हॉकी टीम का शानदार प्रदर्शन जारी है। टूर्नामेंट में लगातार चार मुकाबले जीतने के बाद अब भारतीय टीम का सामना दक्षिण कोरिया से हो रहा है। दोनों देशों के बीच यह मुकाबला जालंधर के ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में खेला जा रहा है। हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली टीम इंडिया इस मुकाबले में अपनी जीत का सिलसिला बरकरार रखने के इरादे से मैदान पर उतरी है। भारतीय टीम पहले ही सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर चुकी है, लेकिन लीग चरण का यह आखिरी मुकाबला उसके लिए अंक तालिका में शीर्ष स्थान बनाए रखने के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
भारतीय टीम ने इस टूर्नामेंट में अब तक बेहतरीन खेल दिखाया है। टीम ने अपने अभियान की शुरुआत बांग्लादेश के खिलाफ धमाकेदार जीत के साथ की थी। पहले ही मुकाबले में भारत ने बांग्लादेश को 13-0 से हराकर अपनी ताकत का परिचय दिया। इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों ने चीन, जापान और मलेशिया के खिलाफ भी जीत दर्ज की। चार मुकाबलों में चार जीत के साथ भारत 12 अंक लेकर अंक तालिका में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। अब टीम की कोशिश दक्षिण कोरिया को हराकर लीग चरण का समापन भी जीत के साथ करने की है।
बांग्लादेश के खिलाफ 13-0 से जीतकर किया था आगाज
भारतीय हॉकी टीम ने एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 में अपने अभियान की शुरुआत बेहद आक्रामक अंदाज में की थी। बांग्लादेश के खिलाफ खेले गए पहले मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही विपक्षी टीम पर दबाव बनाए रखा। भारत ने एक के बाद एक गोल करते हुए मुकाबला 13-0 से अपने नाम किया।
इस जीत से भारतीय टीम को टूर्नामेंट में शानदार शुरुआत मिली। खिलाड़ियों के बीच बेहतर तालमेल, आक्रामक रणनीति और गोल करने के लगातार प्रयास ने टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। पहले मुकाबले में मिली बड़ी जीत के बाद भारतीय खिलाड़ियों का आत्मविश्वास भी बढ़ा।
चीन और जापान को भी दी शिकस्त
बांग्लादेश के खिलाफ बड़ी जीत दर्ज करने के बाद भारत ने अपने दूसरे मुकाबले में चीन का सामना किया। इस मैच में भी भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन किया और चीन को 5-2 से हराया। भारतीय खिलाड़ियों ने आक्रमण के साथ-साथ रक्षापंक्ति में भी बेहतर तालमेल दिखाया।
इसके बाद भारत की भिड़ंत जापान से हुई। इस मुकाबले में भी टीम इंडिया ने अपना दबदबा बनाए रखा और जापान को 4-1 से शिकस्त दी। लगातार तीन जीत के बाद भारतीय टीम का मनोबल काफी ऊंचा था।
टूर्नामेंट का चौथा मुकाबला मलेशिया के खिलाफ खेला गया। मलेशिया की टीम भी लगातार जीत दर्ज कर रही थी और भारत के सामने कड़ी चुनौती पेश करने के इरादे से मैदान में उतरी थी। हालांकि, भारतीय खिलाड़ियों ने इस मुकाबले में भी अपना दबदबा बनाए रखा और 4-2 से जीत हासिल की। इस तरह भारत ने चार मुकाबलों में चार जीत दर्ज कर 12 अंक हासिल किए।
मलेशिया के खिलाफ हरमनप्रीत सिंह ने लगाई हैट्रिक
भारतीय टीम की मलेशिया के खिलाफ जीत में कप्तान हरमनप्रीत सिंह की भूमिका बेहद अहम रही। उन्होंने इस मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन गोल किए और अपनी हैट्रिक पूरी की। हरमनप्रीत ने मैच के तीसरे मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर भारत को बढ़त दिलाई थी।
इसके बाद मलेशिया ने वापसी करते हुए मुकाबले में बराबरी करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय कप्तान ने 33वें मिनट में एक और पेनल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील कर दिया। वहीं, सुखजीत सिंह ने 43वें मिनट में गोल करके भारत की बढ़त को और मजबूत किया। मुकाबले के 58वें मिनट में हरमनप्रीत ने पेनल्टी स्ट्रोक के जरिए अपना तीसरा गोल किया और हैट्रिक पूरी कर ली।
मलेशिया ने अंतिम समय में एक गोल जरूर किया, लेकिन भारतीय टीम ने मुकाबला 4-2 से जीत लिया। इस प्रदर्शन के साथ हरमनप्रीत सिंह टूर्नामेंट में आठ गोल करके सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में शीर्ष पर पहुंच गए।
दक्षिण कोरिया के सामने होगी भारतीय टीम की चुनौती
अब भारतीय टीम का सामना दक्षिण कोरिया से हो रहा है। कोरियाई टीम भी टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन कर रही है और उसने अपने पिछले मुकाबले में बांग्लादेश को 5-0 से हराया था। इस जीत के साथ दक्षिण कोरिया ने भी सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है।
दक्षिण कोरिया ने चार मुकाबलों में दो जीत दर्ज करते हुए छह अंक हासिल किए हैं। ऐसे में भारतीय टीम के सामने चुनौती आसान नहीं रहने वाली है। कोरिया की टीम तेज आक्रमण और मजबूत रक्षापंक्ति के लिए जानी जाती है। भारतीय खिलाड़ियों को उसके खिलाफ गोल करने के मौके बनाने के साथ ही विपक्षी टीम के हमलों को रोकने पर भी ध्यान देना होगा।
हालांकि, भारत का मौजूदा प्रदर्शन और खिलाड़ियों का आत्मविश्वास टीम के लिए सकारात्मक संकेत हैं। घरेलू मैदान पर खेल रही भारतीय टीम को दर्शकों का भी भरपूर समर्थन मिल रहा है। जालंधर के हॉकी स्टेडियम में मुकाबले को लेकर दर्शकों में खासा उत्साह है।
पेनल्टी कॉर्नर पर रहेगी खास नजर
भारतीय हॉकी टीम की सफलता में पेनल्टी कॉर्नर की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण रही है। कप्तान हरमनप्रीत सिंह अपनी ड्रैग फ्लिक के जरिए विपक्षी टीमों के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। मलेशिया के खिलाफ मुकाबले में भी उन्होंने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर अपनी उपयोगिता साबित की थी।
दक्षिण कोरिया के खिलाफ भी भारतीय टीम को पेनल्टी कॉर्नर के मौके भुनाने होंगे। इसके अलावा फॉरवर्ड खिलाड़ियों को विपक्षी टीम के सर्किल में बेहतर तालमेल के साथ आक्रमण करना होगा। सुखजीत सिंह, हार्दिक सिंह और अन्य खिलाड़ियों से भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
भारतीय टीम की रक्षापंक्ति और गोलकीपर की भूमिका भी इस मुकाबले में महत्वपूर्ण होगी। दक्षिण कोरिया के तेज हमलों को रोकने के लिए खिलाड़ियों को लगातार सतर्क रहना होगा।
सेमीफाइनल से पहले जीत के साथ लय बनाए रखना चाहेगा भारत
एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 में कुल छह टीमें हिस्सा ले रही हैं। इनमें भारत, दक्षिण कोरिया, बांग्लादेश, चीन, जापान और मलेशिया शामिल हैं। सभी टीमें लीग चरण में एक-दूसरे के खिलाफ मुकाबले खेल रही हैं। अंक तालिका में शीर्ष चार स्थान हासिल करने वाली टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी।
भारत, मलेशिया, जापान और दक्षिण कोरिया ने सेमीफाइनल में जगह बना ली है। अब लीग चरण के अंतिम मुकाबलों के जरिए टीमों की स्थिति तय हो रही है। टूर्नामेंट के सेमीफाइनल मुकाबले 4 नवंबर को मोहाली में खेले जाने हैं, जबकि फाइनल और कांस्य पदक का मुकाबला 5 नवंबर को आयोजित होगा।
भारतीय टीम इस टूर्नामेंट की मौजूदा चैंपियन भी है। उसने 2024 में खिताब अपने नाम किया था। अब टीम की नजर घरेलू मैदान पर एक बार फिर ट्रॉफी जीतने पर है। ऐसे में दक्षिण कोरिया के खिलाफ मुकाबला सेमीफाइनल से पहले खिलाड़ियों के लिए अपनी तैयारियों को परखने का अच्छा अवसर है।
फिलहाल हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई में भारतीय टीम लगातार पांचवीं जीत दर्ज करने के लक्ष्य के साथ मैदान पर है। चार मुकाबलों में चार जीत हासिल कर चुकी टीम इंडिया के सामने अब दक्षिण कोरिया की चुनौती है। दर्शकों को उम्मीद है कि भारतीय खिलाड़ी अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखते हुए जीत का सिलसिला बरकरार रखेंगे और खिताब की ओर एक और मजबूत कदम बढ़ाएंगे।



