Thursday, November 5, 2026
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एशियन चैंपियंस ट्रॉफी: छठे खिताब के लिए भारत-जापान में फाइनल मुकाबला

नई दिल्ली। एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 के खिताबी मुकाबले में गुरुवार को भारत और जापान की टीमें आमने-सामने हैं। मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में खेले जा रहे फाइनल में भारतीय टीम की नजरें अपना छठा खिताब जीतने पर हैं। कप्तान हरमनप्रीत सिंह के नेतृत्व में उतर रही टीम इंडिया पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए अब तक अजेय रही है। भारत ने लीग चरण के पांचों मुकाबले जीतने के बाद सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को भी हराकर फाइनल में जगह बनाई है।

भारत इस प्रतियोगिता की सबसे सफल टीम है और अब तक पांच बार ट्रॉफी अपने नाम कर चुकी है। ऐसे में घरेलू मैदान पर छठी बार चैंपियन बनने का मौका टीम के लिए खास है। दूसरी ओर जापान की टीम भी खिताब जीतने के इरादे से मैदान पर उतरी है। जापान ने सेमीफाइनल में मलेशिया को पेनल्टी शूटआउट में हराकर फाइनल का टिकट हासिल किया था।

टूर्नामेंट में अब तक अजेय रही टीम इंडिया

हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के इस संस्करण में शुरुआत से ही अपना दबदबा बनाए रखा है। टीम ने लीग चरण में खेले गए सभी पांच मुकाबलों में जीत दर्ज की और 15 अंकों के साथ अंक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया। भारत ने इस दौरान बांग्लादेश, चीन, जापान, मलेशिया और दक्षिण कोरिया को हराया। लीग चरण में भारत का प्रदर्शन आक्रामक हॉकी और मजबूत रक्षापंक्ति का मिश्रण रहा। टीम ने पांच मैचों में कुल 34 गोल किए, जबकि उसके खिलाफ केवल पांच गोल हुए। इससे भारतीय टीम की आक्रमण क्षमता के साथ-साथ रक्षात्मक मजबूती का भी पता चलता है।

भारतीय टीम ने लीग चरण में जापान को भी 4-1 से हराया था। हालांकि, फाइनल मुकाबले में पिछले परिणाम के आधार पर जापान को हल्के में नहीं लिया जा सकता। खिताबी मैच में दोनों टीमों के लिए शुरुआत से ही अनुशासित खेल दिखाना महत्वपूर्ण होगा।

सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को 8-1 से हराया

भारत ने फाइनल में पहुंचने के लिए सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया। बुधवार को खेले गए इस मुकाबले में भारतीय टीम ने कोरिया को 8-1 से करारी शिकस्त दी। मैच में भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और लगातार गोल करते हुए मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत रखी।

शिलानंद लाकड़ा और दिलप्रीत सिंह ने दो-दो गोल किए। कप्तान हरमनप्रीत सिंह, सुखजीत सिंह, अंगद बीर सिंह और विवेक सागर प्रसाद ने भी गोल करके टीम की जीत में योगदान दिया। दक्षिण कोरिया की ओर से एकमात्र गोल हान सांगजुन ने किया।

इस जीत के साथ भारत ने लगातार तीसरी बार एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में जगह बनाई। सेमीफाइनल में टीम के प्रदर्शन ने यह भी दिखाया कि भारतीय आक्रमण किसी एक खिलाड़ी पर निर्भर नहीं है, बल्कि अलग-अलग खिलाड़ी गोल करने की क्षमता रखते हैं।

जापान ने पेनल्टी शूटआउट में बनाई जगह

दूसरी ओर जापान ने भी सेमीफाइनल में कड़ा मुकाबला खेलते हुए फाइनल में प्रवेश किया। जापान का सामना मलेशिया से हुआ था। निर्धारित समय तक दोनों टीमें गोल नहीं कर सकीं और मुकाबला 0-0 की बराबरी पर समाप्त हुआ। इसके बाद नतीजे के लिए पेनल्टी शूटआउट का सहारा लिया गया।

शूटआउट में जापान ने 5-3 से जीत हासिल की और खिताबी मुकाबले में अपनी जगह पक्की कर ली। जापान की टीम ने दबाव के बीच बेहतर प्रदर्शन किया और मलेशिया को पीछे छोड़ते हुए भारत के सामने चुनौती पेश की।

जापान की यह जीत बताती है कि टीम निर्णायक क्षणों में मुकाबले को अपने पक्ष में करने की क्षमता रखती है। ऐसे में भारतीय खिलाड़ियों को पूरे मैच के दौरान सतर्क रहना होगा।

सातवीं बार फाइनल में पहुंचा भारत

एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के इतिहास में भारतीय टीम का प्रदर्शन लगातार प्रभावशाली रहा है। भारत अब तक पांच बार इस प्रतियोगिता का खिताब जीत चुका है। टीम ने 2011, 2016, 2018, 2023 और 2024 में ट्रॉफी अपने नाम की थी। वर्ष 2018 में भारत और पाकिस्तान संयुक्त विजेता रहे थे।

इस बार भारत सातवीं बार फाइनल में पहुंचा है। घरेलू मैदान पर खिताब जीतने का मौका टीम के लिए खास है। भारतीय खिलाड़ी पिछले संस्करणों में मिली सफलता को आगे बढ़ाते हुए छठी बार ट्रॉफी उठाना चाहेंगे।

भारत की कोशिश होगी कि वह पूरे टूर्नामेंट में बनाए गए प्रदर्शन के स्तर को फाइनल में भी कायम रखे। हालांकि, फाइनल का दबाव और विपक्षी टीम की रणनीति मुकाबले को अलग बना सकती है।

हरमनप्रीत सिंह पर रहेंगी निगाहें

भारतीय टीम की कप्तानी हरमनप्रीत सिंह के हाथों में है। वह टीम के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं और पेनल्टी कॉर्नर के जरिए गोल करने की उनकी क्षमता भारतीय आक्रमण को मजबूती देती है। सेमीफाइनल में भी उन्होंने दक्षिण कोरिया के खिलाफ गोल किया था।

उनके अलावा भारतीय टीम के अन्य अनुभवी और युवा खिलाड़ियों से भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। मिडफील्ड में गेंद पर नियंत्रण बनाए रखना, विपक्षी टीम के हमलों को रोकना और गोल करने के मौके तैयार करना भारत के लिए अहम होगा।

फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में केवल आक्रमण ही नहीं, बल्कि रक्षापंक्ति की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। जापान को गोल करने से रोकने के लिए भारतीय डिफेंडरों और गोलकीपर को लगातार सतर्क रहना होगा।

मोहाली में खिताबी मुकाबले पर नजरें

एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 का आयोजन पंजाब के जालंधर और मोहाली में किया जा रहा है। लीग चरण के मुकाबले जालंधर में खेले गए, जबकि नॉकआउट चरण और पदक मुकाबलों के लिए मोहाली को आयोजन स्थल बनाया गया है। फाइनल ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में खेला जा रहा है।

मेजबान भारत को घरेलू दर्शकों का समर्थन भी मिल रहा है। ऐसे में टीम के पास अपने प्रशंसकों के सामने खिताब जीतने का अवसर है। भारतीय हॉकी प्रेमियों को उम्मीद है कि टीम एक बार फिर ट्रॉफी अपने नाम कर देश को जश्न मनाने का मौका देगी।

कहां देख सकते हैं मुकाबले का लाइव प्रसारण?

भारत और जापान के बीच एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 का फाइनल भारतीय समयानुसार गुरुवार शाम 7 बजे से निर्धारित है। मुकाबले का सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जा रहा है, जबकि इसकी लाइव स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार पर उपलब्ध है।

फिलहाल भारतीय टीम का लक्ष्य टूर्नामेंट में अपनी अजेय लय बरकरार रखते हुए छठी बार चैंपियन बनना है। लीग चरण में पांच जीत और सेमीफाइनल की बड़ी जीत के बाद टीम का आत्मविश्वास मजबूत है। वहीं जापान भी सेमीफाइनल में जीत के बाद खिताब हासिल करने के इरादे से उतरा है। अब मुकाबले का नतीजा तय करेगा कि एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की ट्रॉफी किस टीम के हाथों में जाती है।

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