पटना। दीपावली और छठ महापर्व के दौरान यात्रियों को आवागमन में सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) ने अंतरराज्यीय बसों के परिचालन की व्यवस्था को तेज कर दिया है। इसी क्रम में गुरुवार को 155 अंतरराज्यीय बसों को परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने फुलवारीशरीफ बस डिपो से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन बसों के संचालन से त्योहारों पर बिहार आने-जाने वाले यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है। खासकर दूसरे राज्यों में काम करने वाले बिहार के लोगों को त्योहार के मौके पर घर पहुंचने के लिए अतिरिक्त परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।
त्योहारी सीजन में ट्रेनों और नियमित बसों में यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है। दीपावली और छठ के अवसर पर बड़ी संख्या में लोग अपने परिवार के साथ त्योहार मनाने के लिए घर लौटते हैं। इस दौरान टिकटों की मांग बढ़ने से यात्रियों को कई बार सीट मिलने में परेशानी होती है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए परिवहन विभाग की ओर से अतिरिक्त बसों के परिचालन की व्यवस्था की गई है। 155 बसों को रवाना किए जाने से यात्रियों के सामने आवागमन के लिए एक और विकल्प उपलब्ध होगा।
फुलवारीशरीफ बस डिपो से रवाना हुईं बसें
गुरुवार को फुलवारीशरीफ बस डिपो में आयोजित कार्यक्रम के दौरान परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने 155 अंतरराज्यीय बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर उन्होंने त्योहारी बस सेवा से जुड़ी व्यवस्थाओं और यात्रियों की ओर से मिल रही प्रतिक्रिया की जानकारी दी।
मंत्री ने बताया कि दीपावली और छठ को देखते हुए शुरू की गई बस सेवाओं के प्रति यात्रियों ने रुचि दिखाई है। एक नवंबर से अब तक इन बसों के लिए 746 टिकटों की बुकिंग हो चुकी है। यह आंकड़ा बताता है कि त्योहारों के दौरान यात्रियों को अतिरिक्त बस सेवाओं की जरूरत है। परिवहन विभाग की ओर से उपलब्ध कराई जा रही इस सुविधा का उद्देश्य यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचने के लिए सुविधाजनक विकल्प देना है।
अंतरराज्यीय बसों का संचालन ऐसे समय में किया जा रहा है, जब त्योहारों के कारण बिहार और दूसरे राज्यों के बीच यात्रियों की आवाजाही बढ़ जाती है। रोजगार, पढ़ाई और कारोबार के सिलसिले में दूसरे राज्यों में रहने वाले लोग दीपावली और छठ पर अपने घर लौटते हैं। ऐसे में अतिरिक्त बसों का परिचालन उनके सफर को आसान बनाने में मददगार हो सकता है।
टिकट बुकिंग पर छह लाख रुपये का अनुदान
परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने बताया कि बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की त्योहारी बसों में टिकट बुक कराने वाले यात्रियों को अब तक छह लाख रुपये का अनुदान दिया जा चुका है। यह अनुदान योजना यात्रियों को आर्थिक राहत देने के उद्देश्य से लागू की गई है।
त्योहारों के समय परिवहन सेवाओं की मांग बढ़ने के साथ ही यात्रा का खर्च भी कई परिवारों के लिए चिंता का विषय बन जाता है। ऐसे में टिकट बुकिंग पर अनुदान मिलने से यात्रियों को कुछ राहत मिल सकती है। सरकार और परिवहन निगम की ओर से दी जा रही इस सुविधा का लाभ लेने के लिए यात्रियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत टिकट बुक कराना होता है।
छह लाख रुपये के अनुदान का आंकड़ा त्योहारी बस सेवा के तहत यात्रियों को दी जा रही आर्थिक सहायता को दर्शाता है। हालांकि, इस राशि का लाभ कितने यात्रियों को मिला है और अलग-अलग टिकटों पर अनुदान की दर क्या है, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
त्योहारों पर घर लौटने वालों को मिलेगी सुविधा
बिहार में दीपावली और छठ का विशेष महत्व है। इन त्योहारों के दौरान दूसरे राज्यों में रहने वाले बड़ी संख्या में लोग अपने परिवार के साथ पर्व मनाने के लिए बिहार लौटते हैं। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में रहने वाले बिहार के प्रवासी कामगारों, विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों की आवाजाही इस दौरान बढ़ जाती है।
यात्रियों की बढ़ती संख्या के कारण रेलवे और सड़क परिवहन दोनों माध्यमों पर दबाव रहता है। नियमित ट्रेनों में आरक्षित सीटें जल्दी भर जाती हैं, जबकि बसों में भी टिकटों की मांग बढ़ जाती है। कई यात्रियों को अपनी यात्रा की तारीख और समय में बदलाव करना पड़ता है। कुछ लोगों को मजबूरी में दूसरे विकल्प तलाशने पड़ते हैं।
ऐसे में अंतरराज्यीय बसों का अतिरिक्त परिचालन यात्रियों को वैकल्पिक सुविधा उपलब्ध करा सकता है। बस सेवा के माध्यम से यात्री अपनी जरूरत और उपलब्धता के अनुसार यात्रा की योजना बना सकते हैं। इससे उन लोगों को भी लाभ मिल सकता है, जिन्हें रेल टिकट नहीं मिल पाता या जो सड़क मार्ग से सफर करना पसंद करते हैं।
बीएसआरटीसी की त्योहारी बस सेवा पर जोर
बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की ओर से त्योहारों को ध्यान में रखकर बसों की व्यवस्था की जा रही है। 155 बसों को रवाना करना इसी तैयारी का हिस्सा है। परिवहन विभाग का प्रयास है कि त्योहारों के दौरान यात्रियों को आवागमन में अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
त्योहारी सीजन में बसों की उपलब्धता के साथ समय पर परिचालन भी महत्वपूर्ण होता है। यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए बसों के रूट, समय और टिकट की जानकारी पहले से मिलना जरूरी है। इसके अलावा बसों की नियमित जांच, सुरक्षा व्यवस्था और यात्रियों के लिए जरूरी सुविधाओं पर भी ध्यान देना आवश्यक है।
अंतरराज्यीय बस सेवा का लाभ तभी अधिक प्रभावी होगा, जब यात्रियों को निर्धारित समय पर बसें उपलब्ध हों और यात्रा के दौरान उन्हें जरूरी सुविधाएं मिलें। इसके लिए परिवहन निगम को परिचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखनी होगी।
यात्रियों को बुकिंग और यात्रा से जुड़ी जानकारी रखना जरूरी
त्योहारों के दौरान सफर की योजना बना रहे यात्रियों के लिए जरूरी है कि वे यात्रा की तारीख तय करने के बाद समय रहते टिकट बुक कराएं। अंतिम समय में टिकट लेने की कोशिश करने पर सीट उपलब्ध होने में परेशानी हो सकती है। यात्रियों को बस के प्रस्थान समय, गंतव्य और निर्धारित रूट की जानकारी भी पहले से प्राप्त कर लेनी चाहिए।
टिकट बुकिंग के दौरान अनुदान से संबंधित नियमों और पात्रता की जानकारी लेना भी जरूरी है, ताकि यात्रियों को उपलब्ध सरकारी सुविधा का लाभ मिल सके। इसके लिए बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करना चाहिए।
परिवहन मंत्री दामोदर रावत के अनुसार, एक नवंबर से अब तक 746 टिकटों की बुकिंग हो चुकी है और त्योहारी बसों की टिकट बुकिंग पर छह लाख रुपये का अनुदान दिया जा चुका है। वहीं, गुरुवार को 155 अंतरराज्यीय बसों को रवाना किए जाने से त्योहारों के दौरान बस सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में कदम उठाया गया है।
दीपावली और छठ के दौरान बिहार आने-जाने वाले यात्रियों के लिए अतिरिक्त बसों का परिचालन महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। इससे सड़क मार्ग से यात्रा करने वालों को अधिक विकल्प मिलेंगे और त्योहार पर घर पहुंचने की उनकी राह कुछ आसान हो सकेगी।



