लखनऊ। ऑल इंडिया मोहम्मदी मिशन ने केजीएमयू के एक अधिकारी द्वारा दरगाह और मजारों को लेकर दिए गए बयान पर चिंता जताई है। मिशन के महासचिव सय्यद बाबर अशरफ किछौछवी ने कहा कि मजारों को “लावारिस” बताना लाखों लोगों की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला है और इससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है।
उन्होंने कहा कि भूमि विवाद का मामला कानूनी प्रक्रिया में है और अदालत संबंधित पक्षों को कानून के अनुसार आगे बढ़ने का निर्देश दे चुकी है। ऐसे में किसी भी संस्था या अधिकारी द्वारा दरगाह और मजारों के संबंध में अधिकार जताने वाले बयान देना उचित नहीं है।
सय्यद बाबर अशरफ ने कहा कि अब तक ऑल इंडिया मोहम्मदी मिशन या मखदूम शाह मीना फाउंडेशन को ऐसा कोई सरकारी आदेश या कानूनी दस्तावेज नहीं मिला है, जिसके आधार पर मजारों को हटाने या उन्हें लावारिस घोषित करने का अधिकार किसी संस्था को प्राप्त हो।
उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, विवादित बयानों का संज्ञान लेने तथा शहर की गंगा-जमुनी तहजीब, शांति और भाईचारे को बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।



