लखनऊ। प्रदेश के ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि जो क्षेत्र कभी उत्तर प्रदेश की कमजोरी माना जाता था, वही आज उसकी सबसे बड़ी ताकत बनता जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश हरित एवं नवीकरणीय ऊर्जा से समृद्ध देश का ऊर्जा हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।ऊर्जा मंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश ने ऊर्जा क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। वर्ष 2017 में प्रदेश की प्रति व्यक्ति बिजली खपत 489 यूनिट थी, जो वर्ष 2022 में बढ़कर 518 यूनिट और अब 630 यूनिट तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश में पीक डिमांड बिजली आपूर्ति में नंबर-1 राज्य है तथा आरडीएसएस (RDSS) और ग्रीन कॉरिडोर जैसी केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।ए.के. शर्मा ने बताया कि वर्ष 2012-17 के दौरान प्रदेश की औसत पीक डिमांड लगभग 13 हजार मेगावाट थी, जबकि पिछले चार वर्षों में यह बढ़कर 30 हजार मेगावाट तक पहुंच गई है। पिछले वर्ष प्रदेश की वास्तविक पीक डिमांड 31,468 मेगावाट रही तथा इस वर्ष अप्रैल में 29,475 मेगावाट की पीक डिमांड की सफलतापूर्वक आपूर्ति की गई। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों से उत्तर प्रदेश देश में पीक बिजली आपूर्ति में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है।ऊर्जा मंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 तक प्रदेश में 1.80 करोड़ बिजली उपभोक्ता थे, जो अब बढ़कर 3.70 करोड़ हो गए हैं। पिछले चार वर्षों में लगभग 50 लाख नए बिजली कनेक्शन दिए गए हैं। साथ ही, 1.75 लाख अतिरिक्त मजरों का विद्युतीकरण किया गया है। प्रदेश की तापीय विद्युत उत्पादन क्षमता वर्ष 2017 के 5,160 मेगावाट से बढ़कर 9,120 मेगावाट हो चुकी है और जल्द ही 660 मेगावाट की घाटमपुर परियोजना भी शुरू होने जा रही है।उन्होंने कहा कि प्रदेश में बिजली आपूर्ति के बुनियादी ढांचे को भी मजबूत किया गया है। बड़े सबस्टेशनों की क्षमता 39 हजार एमवीए से बढ़कर दो लाख एमवीए तक पहुंच गई है। पिछले चार वर्षों में 30 लाख जर्जर बिजली पोल बदले गए हैं, 1.65 लाख किलोमीटर से अधिक पुराने तारों को एबी केबल से प्रतिस्थापित किया गया है तथा 132 केवी और 33 केवी के कई नए सबस्टेशन स्थापित किए गए हैं।कृषि क्षेत्र का उल्लेख करते हुए ऊर्जा मंत्री ने कहा कि किसानों को ट्यूबवेल कनेक्शन उपलब्ध कराने में तेजी आई है और आज गांवों में न्यूनतम 18 से 20 घंटे तथा शहरों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का एकमात्र राज्य है, जहां पिछले छह वर्षों से बिजली दरों में वृद्धि नहीं की गई है। किसानों को मुफ्त बिजली दी जा रही है तथा बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को लागत से कम कीमत पर बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पीएम सूर्य घर योजना में उत्तर प्रदेश देश में प्रतिदिन सबसे अधिक इंस्टॉलेशन करने वाला राज्य बन गया है। अप्रैल 2026 में प्रदेश इस योजना में देश में पहले स्थान पर रहा, जबकि लखनऊ शीर्ष प्रदर्शन करने वाला जिला बनकर उभरा है। प्रदेश में चार लाख से अधिक सोलर इंस्टॉलेशन हो चुके हैं और लगभग 1400 मेगावाट उत्पादन क्षमता विकसित की जा चुकी है।उन्होंने बताया कि अयोध्या देश का पहला सोलर सिटी बन चुका है तथा 16 अन्य शहर भी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। बायो एनर्जी के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश देश में अग्रणी है, जहां 25 सीबीजी प्लांट्स के माध्यम से प्रतिदिन 240 टन उत्पादन हो रहा है। इससे किसानों और ग्रामीण परिवारों को सीधा लाभ मिल रहा है।ए.के. शर्मा ने कहा कि तकनीक और प्रोफेशनल मैनेजमेंट अपनाने से विभाग की कार्यक्षमता बढ़ी है। ट्रांसफॉर्मर फॉल्ट्स कम हुए हैं, बिलिंग त्रुटियों में कमी आई है और उपभोक्ता अब आईटी आधारित सिस्टम और ऐप्स के माध्यम से स्वयं अपना बिल तैयार कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिजली उत्पादन, निर्बाध आपूर्ति और मजबूत बुनियादी ढांचे के बल पर उत्तर प्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है।



