नई दिल्ली। वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लेजेंड्स (WCL) में क्रिकेट फैंस को एक बार फिर पुराने दौर के दिग्गज खिलाड़ियों का जलवा देखने को मिला। भारतीय क्रिकेट के पूर्व स्टार ऑलराउंडर युवराज सिंह ने बल्ले से ऐसा प्रदर्शन किया कि फैंस को उनके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के दिनों की याद आ गई। युवराज ने अपनी पारी के दौरान 6 छक्के जड़कर गेंदबाजों पर दबाव बनाया और स्टेडियम में मौजूद दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। उनके अलावा दक्षिण अफ्रीका के पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज एबी डी विलियर्स ने भी अपनी बल्लेबाजी से मुकाबले में रोमांच बढ़ा दिया।
WCL का आयोजन उन पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों को एक मंच उपलब्ध कराने के लिए किया जाता है, जिन्होंने अपने-अपने दौर में क्रिकेट की दुनिया में खास पहचान बनाई। इस टूर्नामेंट में कई पूर्व दिग्गज खिलाड़ी एक बार फिर मैदान पर उतरते हैं और फैंस को अपने पसंदीदा सितारों को पुराने अंदाज में खेलते देखने का मौका मिलता है। युवराज सिंह और एबी डी विलियर्स की बल्लेबाजी ने इसी यादगार अनुभव को और खास बना दिया।
युवराज के बल्ले से निकले छह छक्के
भारतीय टीम के लिए लंबे समय तक मैच जिताऊ पारियां खेलने वाले युवराज सिंह ने WCL में एक बार फिर अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी की झलक दिखाई। उनकी पारी में छह शानदार छक्के देखने को मिले। युवराज के बल्ले से गेंद सीमा रेखा के पार जाती रही और दर्शकों में उत्साह बढ़ता गया।
युवराज की बल्लेबाजी की सबसे खास बात उनका वही आक्रामक अंदाज रहा, जिसके लिए वह अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान जाने जाते थे। जब युवराज लय में होते थे तो गेंदबाजों के लिए उन्हें रोकना बेहद मुश्किल होता था। उनकी टाइमिंग, लंबे शॉट खेलने की क्षमता और गेंद को मैदान के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचाने की कला ने उन्हें दुनिया के सबसे खतरनाक सीमित ओवर बल्लेबाजों में शामिल किया था।
WCL में उनकी बल्लेबाजी देखकर फैंस को एक बार फिर वही पुराना युवराज नजर आया। खासकर छह छक्कों ने उनकी इस पारी को यादगार बना दिया।
युवराज की बल्लेबाजी से लौटी पुरानी यादें
युवराज सिंह का नाम भारतीय क्रिकेट में कई ऐतिहासिक पारियों के साथ जुड़ा हुआ है। 2007 के टी20 विश्व कप में इंग्लैंड के खिलाफ एक ओवर में छह छक्के लगाने की उनकी पारी आज भी क्रिकेट प्रशंसकों के बीच बेहद चर्चित है। इसके अलावा 2011 वनडे विश्व कप में उनका ऑलराउंड प्रदर्शन भारतीय टीम की खिताबी जीत में महत्वपूर्ण रहा था।
इसी वजह से जब युवराज मैदान पर बड़े शॉट लगाते हैं तो उनके प्रशंसकों के लिए यह केवल एक क्रिकेट मैच नहीं रहता, बल्कि पुरानी यादों को फिर से जीने का मौका बन जाता है। WCL में भी उनकी बल्लेबाजी के दौरान यही माहौल देखने को मिला।
हालांकि यह टूर्नामेंट पूर्व क्रिकेटरों के लिए आयोजित किया जाता है, लेकिन मैदान पर उतरने के बाद प्रतिस्पर्धा का जज्बा साफ नजर आता है। युवराज की पारी ने इसका उदाहरण पेश किया।
एबी डी विलियर्स ने भी दिखाया अपना अंदाज
युवराज सिंह के अलावा दक्षिण अफ्रीका के पूर्व बल्लेबाज एबी डी विलियर्स ने भी बल्ले से फैंस का मनोरंजन किया। डी विलियर्स को क्रिकेट इतिहास के सबसे बहुमुखी और आक्रामक बल्लेबाजों में गिना जाता है। उनके शॉट्स की विविधता और मैदान के लगभग हर हिस्से में गेंद पहुंचाने की क्षमता के कारण उन्हें ‘मिस्टर 360’ के नाम से जाना जाता रहा है।
WCL में डी विलियर्स के बल्ले से भी शानदार शॉट देखने को मिले। उनके मैदान पर आते ही फैंस को उम्मीद रहती है कि कुछ अलग देखने को मिलेगा और उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से उस उम्मीद को पूरा किया।
डी विलियर्स की बल्लेबाजी का अंदाज युवराज से अलग जरूर है, लेकिन दोनों खिलाड़ियों में एक समानता है—दोनों ही अपने दौर में मैच का रुख कुछ ही गेंदों में बदलने की क्षमता रखते थे। यही वजह है कि जब दोनों दिग्गज एक ही टूर्नामेंट में बल्ले से चमकते हैं तो मुकाबले का रोमांच कई गुना बढ़ जाता है।
WCL में दिग्गजों की वापसी का क्रेज
वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लेजेंड्स की लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण यही है कि इसमें क्रिकेट के पुराने सितारों को दोबारा मैदान पर देखने का अवसर मिलता है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके कई खिलाड़ी इस टूर्नामेंट के जरिए प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी करते हैं।
फैंस के लिए यह टूर्नामेंट इसलिए भी खास है क्योंकि उन्हें अलग-अलग दौर के महान खिलाड़ियों को एक साथ खेलते देखने का मौका मिलता है। भारत की ओर से युवराज सिंह जैसे खिलाड़ी हों या दक्षिण अफ्रीका की ओर से एबी डी विलियर्स, इन खिलाड़ियों की अपनी अलग फैन फॉलोइंग है।
जब ऐसे खिलाड़ी मैदान पर उतरते हैं तो मुकाबले में केवल नतीजे का महत्व नहीं रहता, बल्कि उनके प्रदर्शन और पुराने अंदाज को देखने के लिए भी बड़ी संख्या में दर्शक जुड़े रहते हैं।
युवराज के छक्कों ने बढ़ाया रोमांच
युवराज सिंह की छह छक्कों वाली पारी ने मैच के रोमांच को खास तौर पर बढ़ाया। उनकी बल्लेबाजी में ताकत के साथ-साथ शॉट की टाइमिंग भी देखने को मिली। जैसे-जैसे वह क्रीज पर समय बिताते गए, उनका आत्मविश्वास बढ़ता गया और गेंदबाजों पर दबाव बढ़ता चला गया।
बड़े शॉट लगने के साथ स्टेडियम का माहौल भी बदल गया। युवराज के हर छक्के के साथ फैंस की आवाज तेज होती गई। सोशल मीडिया पर भी ऐसे प्रदर्शन को लेकर क्रिकेट प्रशंसकों की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलती हैं, क्योंकि युवराज के लिए भारतीय क्रिकेट फैंस की भावनाएं आज भी मजबूत हैं।
पुराने सितारों का जादू बरकरार
क्रिकेट में समय के साथ नए खिलाड़ी आते हैं और पुराने खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से विदा हो जाते हैं। लेकिन कुछ खिलाड़ियों की लोकप्रियता मैदान से बाहर होने के बाद भी कम नहीं होती। युवराज सिंह और एबी डी विलियर्स इसी श्रेणी में आते हैं।
युवराज के छह छक्कों और डी विलियर्स की विस्फोटक बल्लेबाजी ने WCL के मुकाबले को एक बार फिर यह साबित करने का मौका दिया कि क्रिकेट के दिग्गजों का आकर्षण आज भी कायम है। उम्र और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूरी के बावजूद जब ये खिलाड़ी मैदान पर उतरते हैं तो फैंस की नजरें सीधे उन पर टिक जाती हैं।
WCL का उद्देश्य भी कुछ हद तक इसी पुराने क्रिकेट रोमांच को वापस लाना है। टूर्नामेंट में शामिल पूर्व क्रिकेटर भले ही अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का हिस्सा न हों, लेकिन उनके अनुभव और क्रिकेटिंग क्लास की झलक मैदान पर अब भी देखने को मिलती है।
युवराज सिंह की छह छक्कों वाली पारी ने भारतीय फैंस को उनके पुराने दिनों की याद दिला दी। दूसरी ओर एबी डी विलियर्स ने अपनी बल्लेबाजी से यह दिखाया कि उनके 360 डिग्री वाले शॉट्स का आकर्षण आज भी कम नहीं हुआ है। दोनों दिग्गजों के प्रदर्शन ने WCL के मुकाबले को खास बना दिया और फैंस को एक बार फिर उस दौर की क्रिकेट की याद दिलाई, जब युवराज और डी विलियर्स जैसे बल्लेबाज मैदान पर उतरते ही मैच का माहौल बदल दिया करते थे।



