Friday, September 11, 2026
No menu items!
spot_img

नीब करोरी बाबा की आध्यात्मिक विरासत को पर्यटन से जोड़ रही योगी सरकार, पांच विशेष टूर पैकेज शुरू

लखनऊ:  श्रद्धेय संत नीब करोरी बाबा के महासमाधि दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने उनकी आध्यात्मिक विरासत को देश-दुनिया के श्रद्धालुओं और पर्यटकों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। बाबा नीब करोरी के जीवन और उनकी आध्यात्मिक यात्रा से जुड़े प्रमुख स्थलों को एक सूत्र में जोड़कर ‘नीब करोरी बाबा सर्किट’ विकसित किया जा रहा है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बाबा नीब करोरी के पांच विशेष पर्यटन पैकेज शुरू किए हैं। इसके साथ ही फिरोजाबाद और फर्रुखाबाद में पर्यटन सुविधाओं तथा आधारभूत ढांचे के विकास पर करीब 12.93 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।फिरोजाबाद के अकबरपुर गांव को बाबा नीब करोरी की जन्मस्थली के रूप में विकसित किया जा रहा है। परियोजना के पहले चरण के तहत पर्यटन सुविधाओं के विकास पर 8.65 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। वहीं दूसरे चरण की 2.22 करोड़ रुपये की परियोजना का 60 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है और इसे दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अकबरपुर में 55.44 लाख रुपये की ग्रामीण पर्यटन परियोजना भी जल्द शुरू की जाएगी। फर्रुखाबाद स्थित नीब करोरी आश्रम के विकास के लिए 1.51 करोड़ रुपये की परियोजना पूरी हो चुकी है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य बाबा से जुड़े प्रमुख स्थलों पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए एक व्यवस्थित आध्यात्मिक पर्यटन अनुभव विकसित करना है।पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि नीब करोरी बाबा का महासमाधि दिवस ऐसे संत को स्मरण करने का अवसर है, जिनका आस्था, सादगी और सेवा का संदेश आज भी भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के लोगों को प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले बाबा के जीवन और विरासत से जुड़े स्थलों की पर्यटन क्षमता पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार अब बाबा की विरासत को संरक्षित करने के साथ ही उसे व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाने का काम कर रही है। पर्यटन परियोजनाओं, बेहतर सुविधाओं और विशेष रूप से तैयार किए गए पर्यटन अनुभवों के माध्यम से बाबा की विरासत को जीवंत रखने के साथ प्रदेश में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के नए अवसर भी तैयार किए जा रहे हैं।अकबरपुर में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए आधुनिक पर्यटन सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। यहां बहुद्देशीय सभागार, सांस्कृतिक खंड और बाबा के जीवन एवं आध्यात्मिक यात्रा पर आधारित आधुनिक प्रदर्शनी कक्ष बनाया जा रहा है। इसके अलावा भोजन कक्ष, 50 लोगों की क्षमता वाला जलपान गृह, रसोई, शौचालय और करीब 60 लोगों के ठहरने के लिए सामूहिक आवास की सुविधा विकसित की जा रही है। दूसरे चरण में सुरक्षा कक्ष, सार्वजनिक उपयोग की सुविधाएं और पत्थर के रास्ते बनाए जा रहे हैं। ग्रामीण पर्यटन परियोजना के तहत प्रवेश द्वार, सूचना संकेतक, भित्ति चित्र और पर्यटक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। फर्रुखाबाद के नीब करोरी आश्रम में भी यात्रियों के ठहरने के लिए भवन, मुख्य द्वार और सार्वजनिक उपयोग की सुविधाएं विकसित की जा चुकी हैं।बाबा नीब करोरी की आध्यात्मिक यात्रा से जुड़े प्रमुख स्थलों को अब ‘नीब करोरी बाबा सर्किट’ के रूप में जोड़ा जा रहा है। इसमें वृंदावन स्थित समाधि मंदिर शामिल है, जहां वर्ष 1973 में बाबा ने महासमाधि ली थी। इसके साथ फिरोजाबाद का अकबरपुर गांव, फर्रुखाबाद स्थित नीब करोरी बाबा आश्रम धाम मंदिर और लखनऊ का प्रसिद्ध हनुमान सेतु मंदिर भी इस सर्किट का हिस्सा होंगे। मान्यता है कि फर्रुखाबाद स्थित आश्रम में बाबा ने भूमिगत गुफा में करीब 12 वर्ष तक साधना की थी। इस प्रकार बाबा की जन्मस्थली से लेकर उनकी महासमाधि स्थल तक की आध्यात्मिक यात्रा को एक ही पर्यटन मार्ग से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।महासमाधि दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम ने बाबा नीब करोरी के पांच विशेष पर्यटन पैकेज भी शुरू किए हैं। इनमें पांच दिन, तीन दिन और दो दिन की यात्राओं के पैकेज शामिल हैं। पर्यटकों की मांग के अनुसार इन पैकेजों का संचालन दिल्ली और लखनऊ से किया जाएगा। इसका उद्देश्य देश और दुनिया के विभिन्न हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बाबा से जुड़े प्रमुख आध्यात्मिक स्थलों की यात्रा को सुगम बनाना है। पर्यटन पैकेजों की जानकारी के लिए पर्यटक 91490 99890 पर संपर्क कर सकते हैं।अपर मुख्य सचिव एवं पर्यटन महानिदेशक अमृत अभिजात ने कहा कि नया ‘नीब करोरी बाबा सर्किट’ उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध आध्यात्मिक पर्यटन मार्गों में महत्वपूर्ण नया आयाम जोड़ेगा। बाबा से जुड़े प्रमुख स्थलों को एक साथ जोड़ने से श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए इन स्थानों तक पहुंच आसान होगी तथा उन्हें बाबा की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और स्थानीय विरासत को करीब से जानने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि महासमाधि दिवस पर शुरू किए गए विशेष पर्यटन पैकेज इस पहल को और उपयोगी बनाएंगे तथा बाबा की विरासत को देश के साथ ही दुनिया के विभिन्न हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img

ताज़ा ख़बरें