लखनऊ। भारत की आज़ादी के महान सेनानी तथा भारत की पहली अंतरिम सरकार के प्रथम प्रधानमंत्री मौलाना बरकतुल्लाह भोपाली की जयंती के अवसर पर ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस उत्तर प्रदेश के प्रदेश कार्यालय में शरबत वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने महान स्वतंत्रता सेनानी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके त्याग, बलिदान, राष्ट्रप्रेम और आज़ादी के संघर्ष को याद किया।
प्रदेश अध्यक्ष जनाब नदीम सिद्दीकी ने कहा कि मौलाना बरकतुल्लाह भोपाली ने राजा महेंद्र प्रताप सिंह, मौलाना उबैदुल्लाह सिंधी तथा अन्य क्रांतिकारियों के साथ मिलकर 1 दिसंबर 1915 को अफगानिस्तान में भारत की अंतरिम सरकार का गठन किया था। इस सरकार में राजा महेंद्र प्रताप सिंह को राष्ट्रपति, मौलाना बरकतुल्लाह भोपाली को प्रधानमंत्री तथा मौलाना उबैदुल्लाह सिंधी को गृह मंत्री बनाया गया था। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक पहल ने अंग्रेज़ी हुकूमत को यह एहसास करा दिया था कि भारत पर उनका शासन अधिक समय तक नहीं चल सकेगा। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे ऐसे महान स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन, संघर्ष और कुर्बानियों से प्रेरणा लें तथा देश और समाज की सेवा को अपना उद्देश्य बनाएं।
प्रदेश महासचिव जनाब इरफ़ान ख़ान क़ादरी ने कहा कि मौलाना बरकतुल्लाह भोपाली ने अपना संपूर्ण जीवन देश की स्वतंत्रता के लिए समर्पित कर दिया। उनका जीवन राष्ट्रहित, त्याग और समर्पण का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि शरबत वितरण जैसे सेवा कार्य समाज में प्रेम, भाईचारा, सौहार्द और इंसानियत की भावना को मजबूत करने का माध्यम हैं।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने मौलाना बरकतुल्लाह भोपाली के आदर्शों पर चलने तथा समाज में आपसी भाईचारे और मानव सेवा की भावना को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। इसके बाद आमजन के बीच शरबत वितरित कर राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव और मानव सेवा का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर आक़िफ़ ख़ान एडवोकेट, मोहसिन ख़ान एडवोकेट, आमिर ख़ान एडवोकेट, फ़ैज़ अहमद, अथर अली, शोएब हबीब सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



