Thursday, September 10, 2026
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उन्नाव में क्राउन होल्डिंग्स की पहली विनिर्माण इकाई का भूमिपूजन, 2,078 करोड़ रुपये का निवेश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार की आकर्षक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश नीति-2023 के सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर दिखाई देने लगे हैं। वैश्विक पैकेजिंग क्षेत्र की प्रमुख कंपनी क्राउन होल्डिंग्स की भारतीय इकाई क्राउन पैकेजिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने बुधवार को उन्नाव स्थित एकीकृत विनिर्माण एवं लॉजिस्टिक्स क्लस्टर में अपने पहले ग्रीनफील्ड एल्युमिनियम पेय पदार्थ डिब्बा विनिर्माण संयंत्र का भूमिपूजन किया। करीब 2,078.44 करोड़ रुपये के कुल निवेश वाली यह परियोजना भारत में क्राउन होल्डिंग्स की पहली विनिर्माण इकाई होगी।उन्नाव के एकीकृत विनिर्माण एवं लॉजिस्टिक्स क्लस्टर के प्लॉट संख्या-4 पर लगभग 40 एकड़ क्षेत्रफल में स्थापित होने वाला यह अत्याधुनिक संयंत्र देश में तेजी से बढ़ रहे पेय पदार्थ उद्योग की मांग को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। परियोजना के माध्यम से 200 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और 1,500 से अधिक लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। इसके अलावा लॉजिस्टिक्स, भंडारण, परिवहन, रखरखाव तथा स्थानीय आपूर्तिकर्ता नेटवर्क के क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर रोजगार और कारोबारी अवसर सृजित होंगे।भूमिपूजन समारोह में औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने कहा कि प्रदेश में केवल कारखानों का पंजीकरण ही तेजी से नहीं हो रहा है, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारकर युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी तैयार किए जा रहे हैं। उन्नाव में क्राउन होल्डिंग्स की परियोजना इसका एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।उन्होंने कहा कि यह परियोजना अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के बीच उत्तर प्रदेश के औद्योगिक परिवेश के प्रति बढ़ते विश्वास को दर्शाती है। प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां प्रदेश की 36 से अधिक क्षेत्रीय नीतियों और निवेश प्रोत्साहन व्यवस्थाओं का लाभ उठा रही हैं।क्राउन पैकेजिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का गठन मार्च 2026 में हुआ था। यह क्राउन होल्डिंग्स की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है और इसका पंजीकृत कार्यालय लखनऊ में है। परियोजना का मूल्यांकन उत्तर प्रदेश की प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, फॉर्च्यून ग्लोबल-500 और फॉर्च्यून इंडिया-500 कंपनियों के लिए निवेश प्रोत्साहन नीति-2023 के तहत किया गया है।

संयंत्र की प्रारंभिक स्थापित क्षमता 116.2 करोड़ डिब्बे प्रतिवर्ष होगी, जिसे बढ़ाकर 178.6 करोड़ डिब्बे प्रतिवर्ष तक किया जा सकेगा। पहले वर्ष में करीब 67 करोड़ डिब्बों के उत्पादन का अनुमान है, जो नौवें और दसवें वर्ष तक बढ़कर लगभग 170 करोड़ डिब्बे प्रतिवर्ष हो सकता है। इस प्रकार परियोजना न केवल देश के पेय पदार्थ उद्योग की बढ़ती मांग को पूरा करेगी, बल्कि उत्तर प्रदेश को पैकेजिंग और विनिर्माण क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करने में भी योगदान देगी।प्रदेश में इस तरह के बड़े निवेश औद्योगिक आधार को लगातार विस्तार दे रहे हैं। विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स और सहायक उद्योगों के विकास के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति मिलने के साथ उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा भी मजबूत हो रही है।भूमिपूजन समारोह में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार, अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार, राज्य परिवर्तन आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज कुमार सिंह और इन्वेस्ट यूपी के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी शशांक चौधरी सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। क्राउन होल्डिंग्स की ओर से कार्यकारी उपाध्यक्ष एवं मुख्य परिचालन अधिकारी दल्मा नोवास जूनियर तथा अध्यक्ष, क्राउन बेवकैन ईएमईए मार्क कैचेसन ने भी समारोह में सहभागिता की।

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