लखनऊ। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने सोमवार को नगर विकास एवं ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रदेश में हाल की अतिवृष्टि के बाद उत्पन्न परिस्थितियों और प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत एवं व्यवस्थागत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में जनसुविधाओं को जल्द सामान्य किया जाए और आगामी त्योहारों के दृष्टिगत सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी कर ली जाएं।नगर विकास विभाग की समीक्षा के दौरान ए.के. शर्मा ने विभिन्न नगरीय क्षेत्रों में जलभराव, जल निकासी, साफ-सफाई तथा संभावित संचारी रोगों से बचाव के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में अभी भी जलभराव है, वहां प्राथमिकता के आधार पर पानी की निकासी कराई जाए। जलभराव समाप्त होते ही संबंधित क्षेत्रों में तत्काल सफाई और सैनिटाइजेशन कराया जाए, ताकि संचारी रोगों की स्थिति उत्पन्न न हो।मंत्री ने आगामी त्योहारों को देखते हुए नगरीय क्षेत्रों में व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी प्रमुख सड़कों और मार्गों को गड्ढामुक्त कराया जाए। नगरों में नियमित स्वच्छता के साथ धार्मिक स्थलों के आसपास विशेष सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। प्रमुख आवागमन मार्गों पर आवश्यकता के अनुसार सुशोभन, प्रकाश व्यवस्था और अन्य जनसुविधाओं को दुरुस्त कराया जाए, जिससे त्योहारों के दौरान आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो।ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री ने शासन और सभी विद्युत वितरण कंपनियों के उच्च अधिकारियों के साथ-साथ मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता स्तर के अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की। उन्होंने अतिवृष्टि और प्राकृतिक आपदा से प्रभावित विद्युत अवसंरचना की स्थिति तथा अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी ली।ए.के. शर्मा ने कहा कि प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति सुचारू रूप से संचालित हो रही है, लेकिन जिन क्षेत्रों में अत्यधिक जलभराव अथवा अन्य कारणों से आपूर्ति प्रभावित हुई है, वहां बहाली में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। ऐसे क्षेत्रों में अतिरिक्त मशीनरी, उपकरण और मानव संसाधन लगाकर मरम्मत एवं पुनर्स्थापना कार्य में तेजी लाई जाए तथा जल्द से जल्द विद्युत आपूर्ति सामान्य की जाए।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय परिस्थितियों का लगातार आकलन करते हुए क्षेत्रीय स्तर पर निगरानी रखी जाए। विद्युत सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करते हुए क्षतिग्रस्त विद्युत लाइनों, ट्रांसफार्मरों और अन्य विद्युत अवसंरचना की मरम्मत का कार्य तेजी से पूरा किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को जल्द राहत मिल सके।बैठक में प्रमुख सचिव नगर विकास पी. गुरु प्रसाद, प्रमुख सचिव ऊर्जा रणवीर प्रसाद, सचिव एवं निदेशक नगरीय निकाय अनुज कुमार झा, प्रबंध निदेशक यूपीपीसीएल नीतीश कुमार, सभी विद्युत वितरण कंपनियों के प्रबंध निदेशक सहित नगर विकास एवं ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ तथा जिलास्तरीय अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।



