लखनऊ। अमेठी कर्बला में हज़रत इमाम हुसैनؑ और शहीदाने कर्बला की याद में चेहल्लुम का कार्यक्रम अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया। इस मौके पर आयोजित जुलूस में हजारों की संख्या में अजादारों और अकीदतमंदों ने शिरकत की। दूर-दराज के इलाकों से भी बड़ी संख्या में जायरीन और अजादार अमेठी कर्बला पहुंचे।

चेहल्लुम के मौके पर आयोजित मजलिस-ए-अज़ा को मौलाना कल्बे जवाद ने खिताब किया। उन्होंने इमाम हुसैनؑ की बेमिसाल कुर्बानी और कर्बला के पैगाम पर रोशनी डालते हुए इंसानियत, हक, सब्र और सच्चाई के रास्ते पर चलने का संदेश दिया।

कार्यक्रम के दौरान कर्बला परिसर नौहों और मर्सियों से गूंजता रहा। अकीदतमंदों ने सीनाजनी और जंजीरी मातम के जरिए शहीदाने कर्बला को खिराज-ए-अकीदत पेश किया। इस दौरान कर्बला परिसर में अकीदतमंदों का सैलाब उमड़ पड़ा और पूरे माहौल में गम और अकीदत की कैफियत दिखाई दी।
चेहल्लुम के मद्देनजर प्रशासन की ओर से सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए। इसके साथ ही जायरीन की सुविधा के लिए पानी और मेडिकल की व्यवस्थाएं भी की गईं। जगह-जगह सबील और लंगर का एहतमाम किया गया, जहां लोगों को पानी और भोजन उपलब्ध कराया गया।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत कर शहीदाने कर्बला की कुर्बानियों को याद किया। शांतिपूर्ण माहौल में आयोजित चेहल्लुम का कार्यक्रम अमन, भाईचारे और आपसी सौहार्द के संदेश के साथ संपन्न हुआ।



