धाता/फतेहपुर। आरक्षण बचाओ आंदोलन के तहत कौशांबी से लखनऊ के लिए निकाली गई पदयात्रा गुरुवार को धाता पहुंची। पदयात्रा कमल चौराहा और अटेलवा होते हुए धाता के मुख्य बाजार पहुंची, जहां से रक्षपालपुर के लिए रवाना हुई। पदयात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे। हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।
आंदोलन में शामिल लोगों ने कहा कि पिछड़ी जातियों, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के आरक्षण को कथित तौर पर समाप्त करने के प्रयासों के विरोध में लोगों को जागरूक करने के लिए यह पदयात्रा निकाली जा रही है। आंदोलनकारियों ने 69 हजार शिक्षक भर्ती समेत विभिन्न भर्तियों में आरक्षण से जुड़े आदेशों और अन्य मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। आयोजकों के मुताबिक आंदोलन में कुल 22 मांगों को प्रमुखता से उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आरक्षण और संविधान की रक्षा के लिए समाज के लोगों को एकजुट किया जा रहा है। मांगें पूरी होने तक आंदोलन को आगे जारी रखने और इसे निर्णायक लड़ाई में बदलने की बात भी कही गई। पदयात्रा के दौरान शामिल लोगों ने ‘जय सरदार’, ‘जय आंबेडकर’ और ‘जय संविधान’ के नारे लगाए। धाता बाजार से गुजरने के दौरान पदयात्रा को देखने के लिए स्थानीय लोगों की भी भीड़ जुटी रही। आयोजकों ने बताया कि पदयात्रा विभिन्न क्षेत्रों से होते हुए दो सितंबर को लखनऊ पहुंचकर समाप्त होगी। इस दौरान आरक्षण और संविधान से जुड़े मुद्दों को लेकर लोगों को जागरूक किया जाएगा। इस मौके पर सरदार सेना के प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक पटेल, योगेंद्र सिंह, संतोष सिंह, चंद्रगुप्त मौर्य, सरदार वल्लभ भाई पटेल, रामलाल, शुभम सिंह, मंझा सिंह सहित बड़ी संख्या में आंदोलनकारी मौजूद रहे।



