लखनऊ। रॉयल फ़ैमिली ऑफ़ अवध के महासचिव शिकोह आज़ाद ने अपने एक बयान में कहा कि मीर तक़ी मीर उर्दू शायरी के ‘ख़ुदा-ए-सुख़न’ के नाम से याद किए जाते हैं। वह उर्दू अदब के एक अज़ीम शायर थे और उर्दू शायरी की दुनिया में उनका नाम बेहद एहतराम के साथ लिया जाता है।
उन्होंने कहा कि मीर तक़ी मीर की शायरी में इश्क़, दर्द, जुदाई, इंसानी जज़्बात और ज़िंदगी की नाज़ुक कैफ़ियात का ऐसा सच्चा और असरदार बयान मिलता है, जिसने सदियों गुज़र जाने के बाद भी उन्हें क़ारिईन और शायरी के शौक़ीनों के दिलों में ज़िंदा रखा है।
मीर तक़ी मीर की पैदाइश 1723 के आस-पास आगरा (अकबराबाद) में हुई थी। उनके वालिद मीर मुत्तक़ी सूफ़ी मिज़ाज और धार्मिक प्रवृत्ति के शख़्स थे। उनके व्यक्तित्व का मीर की ज़िंदगी पर गहरा असर पड़ा। बचपन में ही वालिद के इंतिक़ाल के बाद मीर को मुश्किल हालात का सामना करना पड़ा। यही ज़िंदगी के तजुर्बात आगे चलकर उनकी शायरी में दर्द, एहसास और संवेदना की गहराई के रूप में नज़र आए।
मीर ने अपनी ज़िंदगी का एक बड़ा हिस्सा दिल्ली में गुज़ारा। यह वह दौर था जब मुग़ल सल्तनत ज़वाल का शिकार थी, सियासी बे-चैनी बढ़ रही थी और दिल्ली तबाही के दौर से गुज़र रही थी। इन हालात का मीर के दिल और उनकी शायरी पर गहरा असर पड़ा। दिल्ली से उन्हें बेहद गहरा और जज़्बाती लगाव था और शहर की तबाही का दर्द उनकी तहरीरों और अशआर में साफ़ दिखाई देता है।
बाद के वर्षों में मीर लखनऊ आए और नवाब आसिफ़ुद्दौला के दरबार से वाबस्ता हुए। लखनऊ में उन्हें एक शानदार अदबी माहौल मिला और उनकी ज़िंदगी के आख़िरी साल यहीं गुज़रे। 20 सितम्बर 1810 को लखनऊ में उनका इंतिक़ाल हुआ। इस तरह लखनऊ उनकी ज़िंदगी के आख़िरी पड़ाव के साथ-साथ उनकी अदबी विरासत का भी एक अहम मरकज़ बन गया।
शिकोह आज़ाद ने कहा कि मीर की सबसे बड़ी ख़ूबी उनकी सादगी, जज़्बाती गहराई और फ़ितरी अंदाज़-ए-बयान है। उन्होंने आम इंसानी दुख, मोहब्बत और हिज्र को इतनी सादगी और असर के साथ बयान किया कि उनके अशआर सीधे दिल पर असर करते हैं। यही वजह है कि उन्हें ‘ख़ुदा-ए-सुख़न’ के लक़ब से याद किया जाता है।
उन्होंने बताया कि कल 20 सितम्बर को मीर तक़ी मीर का यौम-ए-वफ़ात है। इसी मुनासबत से मीर की याद में ‘निशान-ए-मीर, सिटी स्टेशन चौराहा’ पर एक ख़ास कार्यक्रम आयोजित किया गया है। कार्यक्रम में माननीय उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति कमर हसन रिज़वी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। इस मौक़े पर मशहूर शायर अपने कलाम भी पेश करेंगे।



