प्रदेश के कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में प्रदेश की योगी सरकार कारागारों की सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए है। जेलों को आधुनिक, सुरक्षित एवं सुधारोन्मुख बनाने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा। जेलों में बंद कैदियों को समाज की मुख्यधारा में वापस लाने और उनमें सकारात्मक सुधार लाने की दिशा में ठोस कार्यवाही की जा रही है। कैदियों के पुनर्वास के साथ उनमें नैतिक मूल्यों को बढ़ाने व व्यवसायिक शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण देने पर भी ध्यान दिया जा रहा, जिससे वे एक जिम्मेदार नागरिक बनकर समाज के लिए उपयोगी बन सकें।
कारागार मंत्री सोमवार को कारागार मुख्यालय के डॉ. सम्पूर्णानन्द कारागार प्रशिक्षण संस्थान, लखनऊ में आयोजित कारागार अधिकारी संवर्ग (123वाँ सत्र) एवं जेल वार्डर संवर्ग (179वाँ सत्र) के पासिंग आउट परेड के दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग कर संबोधित किया। सर्वप्रथम उन्होने परेड वाहन में सवार होकर परेड का निरीक्षण किया और परेड की सलामी ली। परेड में कुल 91 प्रशिक्षुओं ने भाग लिया, जिसमें छत्तीसगढ़ के 06 अधीक्षक एवं 03 सहायक अधीक्षक तथा प्रदेश के 03 डिप्टी जेलर सहित कुल 12 अधिकारी तथा प्रदेश के 79 जेल वार्डर शामिल रहे।
इस अवसर पर कारागार मंत्री ने सभी प्रशिक्षुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रशिक्षित, अनुशासित एवं संवेदनशील कारागार कर्मी ही सुरक्षित एवं प्रभावी कारागार व्यवस्था की आधारशिला हैं। उन्होंने कार्मिकों में प्रशिक्षण के दौरान अनुशासन, मानवाधिकारों के संरक्षण, आधुनिक तकनीक के उपयोग तथा बंदियों के पुनर्वास संबंधी विषयों पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया और कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त सभी अधिकारी एवं जेल वार्डर कर्तव्यनिष्ठ होकर ईमानदारी एवं सेवाभाव के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले 31 प्रशिक्षणार्थियों को सम्मानित किया। नई जिम्मेदारी हेतु प्रशिक्षण प्राप्त सभी अधिकारियों एवं जेल वार्डर को पद एवं गोपनीयता की शपथ भी दिलाई गई।
अधिकारी संवर्ग में छत्तीसगढ़ के जेल अधीक्षक प्रसून गुप्ता, सुधीर ठाकुर, टामन, निर्मल सिंह, समीक्षा साहू, लोकेश्वरी, सहायक अधीक्षक छत्तीसगढ़ संदीप कुमार, महेंद्र कुमार, अनुप्रिया लाकड़ा एवं डिप्टी जेलर उत्तर प्रदेश अनुपम मिश्रा, दिशा, तेजस्वी तिवारी ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। वहीं जेल वार्डर संवर्ग में उत्तर प्रदेश के 79 प्रशिक्षु जेल वार्डर सम्मिलित रहे।
दीक्षांत समारोह में अधिकारी संवर्ग में सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षार्थी का पुरस्कार छत्तीसगढ़, जिला कारागार गरियाबंद के जेल अधीक्षक श्री टामन को तथा जेल वार्डर संवर्ग में सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षार्थी का पुरस्कार उत्तर प्रदेश, जिला कारागार बागपत के अतुल यादव को प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में महानिदेशक कारागार पी.सी.मीना ने प्रशिक्षण प्राप्त अधिकारियों एवं जेल वार्डर संवर्ग के कार्मिकों से कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी एवं सेवाभाव के साथ दायित्व निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण संस्थान देश का ही नहीं, बल्कि एशिया का प्रथम कारागार प्रशिक्षण संस्थान है, जिसमें देश के अन्य राज्यों के साथ विदेशों के भी कारागार से जुड़े अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस संस्थान में मार्च, 2026 तक 1681 अधिकारी तथा 13266 जेल वार्डर संवर्ग के कार्मिकों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा गया है। उन्होंने सभी प्रशिक्षुओं को हार्दिक बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर पुलिस उपमहानिरीक्षक कारागार एस.सी. शाक्य एवं प्रदीप गुप्ता, उपमहानिरीक्षक कारागार शैलेन्द्र कुमार मैत्रेय, पी एन पांडेय, सहायक महानिरीक्षक कारागार, छत्तीसगढ़ अमित शांडिल्य, वरिष्ठ जेल अधीक्षक रंग बहादुर पटेल, वित्त नियंत्रक आबिद अली अंसारी सहित अन्य अधिकारी एवं प्रशिक्षुओं के पारिवारिकजन उपस्थित रहे।



