लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश ने भाजपा सरकार पर भर्तियों में आरक्षण की लूट और घोटाले का आरोप लगाते हुए “समाजवादी ऑडिट रिपोर्ट” जारी की। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी भाजपा सरकार के पक्षपात और आरक्षण में कथित लूट के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी।बुधवार को पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी ऑडिट रिपोर्ट में 69 हजार शिक्षक भर्ती, वन एवं वन्य जीव रक्षक भर्ती, बांदा कृषि विश्वविद्यालय भर्ती, एडेड जूनियर हाईस्कूल मास्टर/हेडमास्टर भर्ती, ग्राम पंचायत अधिकारी भर्ती, नेत्र परीक्षण अधिकारी भर्ती, यूपीएसएसएससी आशुलिपिक भर्ती, लखीमपुर को-ऑपरेटिव भर्ती, पशु चिकित्सक भर्ती, लेखपाल भर्ती, स्वास्थ्य-शिक्षा अधिकारी भर्ती, चिकित्सा अधिकारी आयुर्वेद भर्ती और कृषि प्राविधिक सहायक भर्ती सहित 22 भर्तियों में कथित आरक्षण घोटाले का विवरण प्रस्तुत किया गया है।अखिलेश यादव ने कहा कि 69 हजार शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी न्याय के लिए विभिन्न स्तरों पर गए, लेकिन भाजपा सरकार में उन्हें न्याय नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछड़ा वर्ग को संवैधानिक रूप से 27 प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए था, जबकि भर्ती में उन्हें केवल 3.86 प्रतिशत आरक्षण दिया गया, जिससे 23.14 प्रतिशत आरक्षण की “लूट” हुई। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग को 21 प्रतिशत आरक्षण के स्थान पर केवल 16.21 प्रतिशत आरक्षण मिला, जिससे 4.8 प्रतिशत की कमी रही।उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने भी शिक्षक भर्ती में 20 हजार सीटों के घोटाले को स्वीकार किया था। साथ ही आरोप लगाया कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान प्रदेश सरकार ने शिक्षक भर्ती में आरक्षण संबंधी गड़बड़ी को स्वीकार करते हुए 6800 पदों की अतिरिक्त चयन सूची जारी की थी। अखिलेश यादव ने कहा कि अनुसूचित जनजाति वर्ग के 1133 पद खाली छोड़ दिए गए, जिससे कुल 7933 पदों में अनियमितता सामने आती है।सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार को जहां अवसर मिला, वहां पदों की लूट की गई। उन्होंने विश्वविद्यालयों की भर्तियों में “नॉट फॉर सूटेबल” (एनएफएस) लागू कर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को बाहर करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार आरक्षण की लूट के साथ-साथ आंकड़े छिपाने वाली सरकार है।अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी वर्ष 2027 में सरकार बनने पर 90 दिनों के भीतर 69 हजार शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों को न्याय दिलाएगी और जातीय जनगणना कराने का कार्य करेगी। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी सरकार सामाजिक न्याय की स्थापना करते हुए सभी वर्गों को न्याय दिलाने का काम करेगी।महिला आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने आधी आबादी की समुचित भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग उठाई थी, लेकिन सरकार ने इस विषय से दूरी बना ली। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी आबादी के हिसाब से हक और सम्मान की पक्षधर है और सामाजिक व आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए विशेष अवसर चाहती है।
सपा अध्यक्ष ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी और पीडीए (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) का जनाधार लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि 2019, 2022 और 2024 के चुनावों में पार्टी का ग्राफ बढ़ा है, जबकि भाजपा का जनाधार घटा है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर जनसंपर्क मजबूत करने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि हर बूथ पर पांच-पांच वोट बढ़ा लिए जाएं तो वर्ष 2027 में भाजपा का राजनीतिक परिदृश्य बदल जाएगा।



