लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपीलों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि देश में आर्थिक संकट या आपात जैसी स्थिति है और जनता से एक वर्ष तक सोना न खरीदने तथा पेट्रोल-डीजल का सीमित उपयोग करने की अपील की जा रही है, तो ऐसे में प्रधानमंत्री खुद गुजरात में रोड शो क्यों कर रहे हैं।सोमवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय, लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए अजय राय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशवासियों से संयम बरतने की अपील कर रहे हैं, लेकिन उन्हें सबसे पहले भाजपा नेताओं से देशहित में योगदान देने की अपील करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में रहते हुए भाजपा नेताओं ने जनता की गाढ़ी कमाई की लूट की है और अब आम जनता से त्याग करने को कहा जा रहा है।प्रेस वार्ता में पूर्व विधान परिषद सदस्य विवेक बंसल और उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वाइस चेयरमैन मनीष हिन्दवी भी मौजूद रहे।अजय राय ने कहा कि यदि वास्तव में संसाधनों की बचत आवश्यक है, तो प्रधानमंत्री को स्वयं अपने काफिले को छोटा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री लगातार रोड शो करते नजर आते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में वाहन शामिल रहते हैं और पेट्रोल-डीजल की खपत होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री एक ओर जनता को बचत का संदेश दे रहे हैं, जबकि दूसरी ओर स्वयं बड़े आयोजन कर रहे हैं।कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने वर्ष 1962 के भारत-चीन युद्ध का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय देश गंभीर सैन्य और आर्थिक संकट से गुजर रहा था। उन्होंने दावा किया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने राष्ट्रीय रक्षा कोष के लिए अपने आभूषण दान कर उदाहरण प्रस्तुत किया था। उन्होंने कहा कि नेतृत्व की जिम्मेदारी होती है कि वह खुद उदाहरण पेश करे।अजय राय ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री लगातार झूठ बोलकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं और चुनाव समाप्त होने के बाद देश की वास्तविक स्थिति सामने रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार को संकट की जानकारी थी, तो चुनाव से पहले जनता को सच्चाई क्यों नहीं बताई गई। उनके अनुसार, कहीं न कहीं चुनाव प्रभावित होने का भय सरकार को रहा होगा।
उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश में महंगाई लगातार बढ़ी है। गैस सिलेंडर, खाद्य सामग्री और शिक्षा की बढ़ती लागत से आम लोग पहले ही परेशान हैं। अब प्रधानमंत्री की अपील का असर सर्राफा कारोबार, ट्रैवल एजेंसियों और अन्य व्यवसायों पर भी पड़ सकता है, जिससे लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित होने की आशंका है।अजय राय ने कहा कि प्रधानमंत्री की प्राथमिकता देश की जनता से अधिक चुनाव जीतना प्रतीत होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब पांच राज्यों के चुनाव समाप्त हो गए, तभी सरकार को संसाधनों की चिंता याद आई। उन्होंने कहा कि जनता अब यह समझने लगी है कि सरकार जो कहती है, उसका पालन स्वयं नहीं करती।कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि देश की जनता महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक दबाव से पहले ही जूझ रही है और ऐसे समय में सरकार की ओर से आई अपीलों ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।



