मुंबई। आईआईटी मुंबई के 22 वर्षीय छात्र साहिल वाकोडे की कथित आत्महत्या के मामले में जांच कर रही क्राइम ब्रांच ने संस्थान के प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला से करीब 10 घंटे तक पूछताछ की। छात्र की मौत के मामले में पुलिस कई पहलुओं की जांच कर रही है और इसी क्रम में प्रोफेसर से लंबी पूछताछ की गई। जांच एजेंसी यह समझने का प्रयास कर रही है कि छात्र की मौत से पहले उसकी शैक्षणिक और व्यक्तिगत परिस्थितियां कैसी थीं तथा संस्थान में उसके संपर्क में रहने वाले लोगों की भूमिका या जानकारी क्या रही।
साहिल वाकोडे आईआईटी मुंबई में 22 वर्षीय छात्र थे। उनकी मौत को लेकर सामने आए घटनाक्रम के बाद संस्थान और छात्र समुदाय में चिंता का माहौल बना हुआ है। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया है। क्राइम ब्रांच की ओर से प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला से करीब 10 घंटे तक पूछताछ किया जाना इस बात का संकेत है कि जांच एजेंसी मामले से जुड़े तथ्यों को विस्तार से समझने की कोशिश कर रही है।
पूछताछ के दौरान क्राइम ब्रांच ने प्रोफेसर से छात्र के साथ उनके संपर्क, शैक्षणिक गतिविधियों और साहिल से जुड़ी हाल की परिस्थितियों के बारे में जानकारी हासिल की। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि साहिल की पढ़ाई से संबंधित कोई समस्या चल रही थी या नहीं और हाल के दिनों में उसके व्यवहार या शैक्षणिक प्रदर्शन में किसी तरह का बदलाव देखने को मिला था या नहीं।
ऐसे मामलों में पुलिस आमतौर पर मृतक के करीबी लोगों, शिक्षकों, सहपाठियों और संस्थान से जुड़े अन्य लोगों से जानकारी जुटाती है। इसका उद्देश्य घटना से पहले की परिस्थितियों की कड़ी जोड़ना होता है। साहिल के मामले में भी क्राइम ब्रांच इसी दिशा में जांच आगे बढ़ा रही है। प्रोफेसर से लंबी पूछताछ के दौरान घटना से पहले छात्र और संस्थान के बीच हुए संपर्क तथा अन्य संबंधित घटनाओं के बारे में जानकारी ली गई होगी।
पुलिस की जांच का एक अहम हिस्सा यह भी है कि साहिल की मौत से पहले उसके संपर्क में कौन-कौन लोग थे। उसके फोन, संदेश, ईमेल और अन्य डिजिटल गतिविधियों की भी जांच की जा सकती है। इन जानकारियों के जरिए पुलिस यह समझने की कोशिश कर सकती है कि घटना से पहले छात्र की मानसिक और सामाजिक परिस्थितियां कैसी थीं। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले किसी भी संभावित कारण को अंतिम निष्कर्ष के तौर पर नहीं माना जा सकता।
साहिल की मौत के मामले में क्राइम ब्रांच द्वारा प्रोफेसर से करीब 10 घंटे पूछताछ किए जाने से यह भी स्पष्ट होता है कि जांच एजेंसी मामले के हर महत्वपूर्ण पहलू को रिकॉर्ड पर लेना चाहती है। लंबी पूछताछ के दौरान घटनाक्रम से जुड़े समय, स्थान, बातचीत और छात्र की गतिविधियों से संबंधित सवाल किए जा सकते हैं। जांच एजेंसी के सामने यह भी महत्वपूर्ण होगा कि अलग-अलग लोगों से मिली जानकारी आपस में कितनी मेल खाती है।
आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में किसी छात्र की मौत का मामला सामने आने के बाद शैक्षणिक दबाव, व्यक्तिगत परिस्थितियों और संस्थागत माहौल जैसे पहलुओं पर भी चर्चा होती है। हालांकि, किसी विशेष कारण को साहिल की मौत से जोड़ने के लिए जांच से सामने आने वाले ठोस तथ्यों का इंतजार करना जरूरी है। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ की जा रही है।
क्राइम ब्रांच यह भी देख सकती है कि क्या साहिल ने अपनी किसी परेशानी के बारे में किसी शिक्षक, दोस्त या परिवार के सदस्य से बातचीत की थी। यदि ऐसी कोई जानकारी सामने आती है, तो वह जांच के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। इसके अलावा छात्र की शैक्षणिक प्रगति, हाल की गतिविधियों और संस्थान में उसके संपर्कों से जुड़ी जानकारी भी जांच का हिस्सा बन सकती है।
प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला से हुई पूछताछ को लेकर फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि क्राइम ब्रांच ने उनसे किन-किन बिंदुओं पर सवाल किए और पूछताछ के दौरान क्या जानकारी सामने आई। जांच एजेंसी की ओर से प्राप्त तथ्यों के आधार पर आगे अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है। पुलिस का उद्देश्य घटना से पहले की पूरी परिस्थितियों को समझना और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की दिशा तय करना है।
इस मामले में डिजिटल साक्ष्य भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं। छात्र के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से मिलने वाली जानकारी से पुलिस को घटना से पहले की गतिविधियों के बारे में पता चल सकता है। इसके अलावा संस्थान में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और संबंधित रिकॉर्ड भी जांच का हिस्सा हो सकते हैं, यदि वे घटना से जुड़े स्थान या समय की जानकारी देते हों।
साहिल वाकोडे की मौत के बाद आईआईटी मुंबई के छात्र समुदाय में भी इस घटना को लेकर चिंता का माहौल है। उच्च शिक्षा संस्थानों में छात्रों से जुड़े ऐसे मामलों में संस्थान की ओर से उपलब्ध सहायता व्यवस्था, शिक्षकों और छात्रों के बीच संवाद तथा शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया पर भी ध्यान जाता है। हालांकि, साहिल के मामले में इन पहलुओं को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही निकाला जा सकेगा।
फिलहाल क्राइम ब्रांच की जांच का केंद्र साहिल की मौत से पहले की परिस्थितियां और उससे जुड़े लोगों की जानकारी है। प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला से करीब 10 घंटे की पूछताछ के बाद जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है, इस पर नजर बनी हुई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के पीछे क्या परिस्थितियां थीं और क्या ऐसी कोई जानकारी या घटनाक्रम था, जिसका संबंध छात्र की मौत से हो सकता है।
मामले में आगे और लोगों से पूछताछ होने की संभावना है। पुलिस द्वारा जुटाए जा रहे बयानों, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य रिकॉर्ड के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। फिलहाल साहिल वाकोडे की मौत को लेकर जांच जारी है और किसी भी व्यक्ति की भूमिका या घटना के कारणों के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।



