Sunday, September 20, 2026
No menu items!
spot_img

डॉ. अनुपम सिंह भंडारी के नेतृत्व में भारतीय पर्वतीय महासभा ने तय किया देशव्यापी विस्तार का रोडमैप

लखनऊ। पर्वतीय समाज को एकजुट, सशक्त और संगठित करने की दिशा में भारतीय पर्वतीय महासभा ने एक महत्वपूर्ण और दूरगामी पहल की है। लखनऊ में आयोजित महासभा की मासिक बैठक में संगठन के विस्तार, सामाजिक सरोकारों और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बैठक में सर्वसम्मति से डॉ. अनुपम सिंह भंडारी को भारतीय पर्वतीय महासभा का राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोनीत किया गया।

राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के साथ ही डॉ. भंडारी के नेतृत्व में महासभा को गांव से लेकर जिला, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर तक मजबूत संगठनात्मक स्वरूप देने की कार्ययोजना तैयार की गई। बैठक में स्पष्ट किया गया कि देश के विभिन्न हिस्सों में निवास कर रहे पर्वतीय समाज के लोगों को एक साझा मंच पर जोड़कर संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत किया जाएगा।

नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी को मिली महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां

महासभा की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन करते हुए विभिन्न पदाधिकारियों को महत्वपूर्ण दायित्व सौंपे गए।

श्री पान सिंह भंडारी — मुख्य राष्ट्रीय संरक्षक

श्री दया कृष्ण डाला कोटी — मुख्य संयोजक

श्री मोहन चंद्र जोशी — कोषाध्यक्ष

डॉ. अमित पांडे — उपाध्यक्ष

श्री रजनीश डोबरियाल — संयुक्त सचिव

श्री भारत पांडे — प्रचार सचिव

श्री बलवंत सिंह — प्रचार सचिव

नवनियुक्त पदाधिकारियों ने महासभा को सक्रिय, पारदर्शी और प्रभावी संगठन बनाने तथा समाज के अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने का संकल्प व्यक्त किया।

उत्तर प्रदेश के हर जिले में बनेगी जिला कार्यकारिणी

बैठक में संगठन विस्तार को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए तय किया गया कि उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिले में जिला कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

इसके साथ ही उत्तराखंड, दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान सहित देश के अन्य राज्यों में भी प्रदेश, जिला एवं स्थानीय स्तर पर संगठन का विस्तार किया जाएगा।

महासभा से जुड़ने के इच्छुक सक्रिय, योग्य और समाज के प्रति समर्पित लोगों के लिए 27 सितंबर से सदस्य नामांकन प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। संगठन में जिम्मेदारियां केवल पद के आधार पर नहीं, बल्कि व्यक्ति की सक्रियता, क्षमता, सामाजिक प्रतिबद्धता और संगठन के प्रति समर्पण को ध्यान में रखते हुए निर्धारित की जाएंगी।सिर्फ संगठन का विस्तार नहीं, समाजसेवा बनेगी प्राथमिकता

भारतीय पर्वतीय महासभा का उद्देश्य केवल संगठन का विस्तार अथवा सदस्य संख्या बढ़ाना नहीं है। महासभा का मुख्य लक्ष्य पर्वतीय समाज में एकता, सहयोग, सामाजिक समरसता और सेवा की भावना को मजबूत करना है।

युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठजनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, उद्यमियों, कर्मचारियों तथा विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत पर्वतीय समाज के लोगों को एक मंच पर लाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।

समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को संगठित और प्रभावी ढंग से उठाना, जरूरतमंदों के सहयोग के लिए पहल करना तथा नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक मूल्यों से जोड़ना भी महासभा की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।

“देशभर के पर्वतीय समाज को एक मजबूत मंच पर लाना हमारा संकल्प” — डॉ. अनुपम सिंह भंडारी

राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने पर डॉ. अनुपम सिंह भंडारी ने सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह जिम्मेदारी उनके लिए केवल सम्मान नहीं, बल्कि एक बड़ी सामाजिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग राज्यों और जिलों में रहने वाले पर्वतीय समाज के लोगों को एक मजबूत मंच से जोड़ना और संगठन को जमीनी स्तर तक पहुंचाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।

डॉ. भंडारी ने कहा कि “किसी भी संगठन की वास्तविक शक्ति उसके पदों में नहीं, बल्कि उसके कार्यकर्ताओं की सक्रियता, समाज के विश्वास और सेवा की भावना में होती है।”

उन्होंने कहा कि भारतीय पर्वतीय महासभा को ऐसा सशक्त मंच बनाया जाएगा, जहां एकता, सहयोग, सेवा, सम्मान और समाजहित सर्वोच्च प्राथमिकता होंगे।

उन्होंने नवनियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों एवं महासभा के सभी सदस्यों से संगठन विस्तार में पूरी निष्ठा, अनुशासन और सक्रियता के साथ योगदान देने का आह्वान किया।

देशव्यापी संगठन की दिशा में पहला बड़ा कदम

बैठक के समापन पर नवनियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दी गईं और महासभा को देशभर में एक मजबूत एवं प्रभावी संगठन के रूप में स्थापित करने का सामूहिक संकल्प लिया गया।

27 सितंबर से शुरू होने वाली सदस्य नामांकन प्रक्रिया को संगठन के देशव्यापी विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

भारतीय पर्वतीय महासभा ने समाज के सक्रिय एवं समर्पित लोगों से आगे आकर संगठन से जुड़ने और “संगठित समाज, सशक्त समाज” की दिशा में अपना योगदान देने का आह्वान किया है।

“एकता से शक्ति • संगठन से पहचान • सेवा से सम्मान”

भारतीय पर्वतीय महासभा

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img

ताज़ा ख़बरें