बाराबंकी, फतेहपुर। रामनगर मरकज़ में आयोजित 50वां तब्लीगी इज्तिमा देश में शांति, आपसी भाईचारे और धार्मिक उत्थान की दुआ के साथ संपन्न हो गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया तथा विभिन्न जमातें भी रवाना हुईं।
मुख्य सभा को संबोधित करते हुए मौलाना अता उर रहमान नदवी ने कहा कि इंसानियत आज भौतिक प्रगति के बावजूद मानसिक अशांति से जूझ रही है और वास्तविक सुकून ईश्वरीय मार्गदर्शन तथा पैगंबर हज़रत मुहम्मद ﷺ की शिक्षाओं में निहित है। उन्होंने कहा कि समाज में शांति और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए धार्मिक शिक्षाओं पर अमल आवश्यक है।
इससे पहले मौलाना अक़ील क़ासमी ने ईमानदारी, शिक्षा, सामाजिक सुधार और महिलाओं के अधिकारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने समाज में जागरूकता और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई।
इज्तिमा में स्वयंसेवकों ने व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभाली, जिसकी प्रतिभागियों ने सराहना की। समापन पर देश, समाज और विश्व शांति के लिए विशेष दुआ कराई गई।



